विश्व व्यापार संगठन (WTO) में भारत की आठवीं व्यापार नीति समीक्षा (Trade Policy Review) 21 और 23 जुलाई 2026 को जिनेवा में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। समीक्षा का आधार WTO सचिवालय और भारत सरकार की अलग-अलग रिपोर्टें रहीं। बैठक के दौरान सदस्य देशों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की बढ़ती भूमिका, द्विपक्षीय व्यापार और नए व्यापार समझौतों के विस्तार को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
68 देशों ने रखे अपने विचार
व्यापार नीति समीक्षा के दौरान 68 प्रतिनिधिमंडलों ने अपने विचार और सुझाव प्रस्तुत किए।
भारत को 44 सदस्य देशों की ओर से 1,090 से अधिक लिखित प्रश्न प्राप्त हुए, जिनमें से 700 से अधिक प्रश्नों के उत्तर बैठक शुरू होने से पहले ही उपलब्ध करा दिए गए।
डिजिटल सुधारों की हुई सराहना
सदस्य देशों ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के साथ-साथ भारत के डिजिटल परिवर्तन की भी प्रशंसा की।
विशेष रूप से इन पहलों की सराहना की गई—
यूपीआई (UPI)
आधार
इंडिया स्टैक
डिजिटल सीमा शुल्क प्रणाली
व्यापार सुविधा सुधार
इन पहलों को व्यापार को आसान और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया।
इन मुद्दों पर जताई गई चिंता
समीक्षा के दौरान कुछ सदस्य देशों ने भारत की व्यापार नीतियों से जुड़े कई मुद्दों पर चिंता भी व्यक्त की।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल रहे—
टैरिफ में अचानक बदलाव
निर्यात प्रतिबंध
जटिल लाइसेंस व्यवस्था
निवेश मंजूरी में देरी
नीतिगत पारदर्शिता की आवश्यकता
इसके अलावा कृषि क्षेत्र में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), सब्सिडी, सार्वजनिक भंडारण तथा गेहूं, चावल, चीनी और प्याज पर लगाए जाने वाले निर्यात प्रतिबंध भी चर्चा के केंद्र में रहे।
भारत ने दोहराई मुक्त और पारदर्शी व्यापार की प्रतिबद्धता
भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने WTO के समक्ष नियम-आधारित, पारदर्शी और समावेशी बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
भारत ने बताया कि विदेश व्यापार नीति 2023, डिजिटल और भौतिक बुनियादी ढांचे के विकास तथा स्वीकृति प्रक्रियाओं को सरल बनाकर कारोबार की लागत कम करने और निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
सुधारों को जारी रखने की सलाह
WTO सदस्य देशों ने भारत से व्यापार सुधारों की गति बनाए रखने, समयबद्ध अधिसूचनाएं जारी करने, हितधारकों के साथ संवाद बढ़ाने और व्यापार नियमों को अधिक पारदर्शी एवं पूर्वानुमेय बनाने की अपेक्षा जताई।
भारत के लिए महत्वपूर्ण रहा समीक्षा मंच
यह आठवीं व्यापार नीति समीक्षा भारत के लिए अपनी आर्थिक उपलब्धियों, व्यापार सुधारों और डिजिटल पहलों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर साबित हुई। साथ ही, इससे भारत को अपने प्रमुख व्यापारिक साझेदारों की चिंताओं और सुझावों को समझने का भी अवसर मिला, जो भविष्य की व्यापार नीति को और मजबूत बनाने में सहायक हो सकता है।







