लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज से पूरी तरह दूरी बना ली है। पार्टी ने उनके खिलाफ दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराते हुए FIR दर्ज करने और सख्त कार्रवाई की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि भारद्वाज ने कथित तौर पर संरक्षण का झूठा दावा करने के लिए पार्टी अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के नाम का इस्तेमाल किया।
LJP-RV ने कहा- भारद्वाज से कोई आधिकारिक संबंध नहीं
पार्टी की शिकायत में स्पष्ट किया गया है कि स्वतंत्र भारद्वाज का LJP (रामविलास) से कोई आधिकारिक संबंध नहीं है। पार्टी ने पुलिस से मामले को गंभीरता से लेते हुए शिकायत के आधार पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है।
LJP-RV ने यह भी कहा कि भारद्वाज द्वारा पार्टी या उसके नेतृत्व के नाम का इस्तेमाल किसी भी प्रकार के राजनीतिक या व्यक्तिगत संरक्षण का दावा करने के लिए किया जाना स्वीकार्य नहीं है।
इंटरव्यू का वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा विवाद
विवाद की शुरुआत स्वतंत्र भारद्वाज के एक इंटरव्यू की वीडियो क्लिप वायरल होने के बाद हुई। इसमें उन्होंने कथित तौर पर CJP कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय के साथ मारपीट करने और उनका “सिर फोड़ने” का दावा किया था।
इसके बाद निशु आजाद ने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि पुलिस उनकी शिकायत पर FIR दर्ज नहीं कर रही है। उन्होंने मामले में मदद के लिए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से भी अपील की थी।
भारद्वाज ने बताया आत्मरक्षा का मामला
विवाद बढ़ने के बाद स्वतंत्र भारद्वाज ने अपने बचाव में कहा कि उन्होंने जो भी कदम उठाया, वह आत्मरक्षा में उठाया था। उन्होंने दावा किया कि अगर वह ऐसा नहीं करते तो भीड़ उनकी पिटाई कर सकती थी और उनकी जान को खतरा हो सकता था।
शुक्रवार को समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में भारद्वाज ने कहा कि उन्होंने अपनी जान बचाने के लिए आत्मरक्षा में कार्रवाई की।
बुलंदशहर में पुलिस ने हिरासत में लिया
विवाद के बीच पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, वह नैथला गांव से निकलकर खुर्जा की ओर जा रहे थे, तभी उन्हें पकड़ लिया गया।
भारद्वाज खुद को ‘कट्टर हिंदू’ के रूप में पेश करते रहे हैं और सोशल मीडिया पर उनकी गतिविधियों को लेकर पहले भी चर्चा होती रही है।
चिराग पासवान ने बनाई दूरी
भारद्वाज की हिरासत के बाद केंद्रीय मंत्री और LJP-RV अध्यक्ष चिराग पासवान ने उनसे दूरी स्पष्ट कर दी। पासवान ने कहा कि वह और उनकी पार्टी निशु आजाद तथा उनके पिता के साथ मजबूती से खड़े हैं और उन्हें न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
उन्होंने कानून का मजाक बनाने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया और दिल्ली पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच की अपील की।
चिराग बोले- ऐसी घटनाएं गलत मिसाल कायम करती हैं
शुक्रवार शाम पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान चिराग पासवान ने घटना को बेहद गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति सार्वजनिक मंच पर किसी को इतनी बुरी तरह पीटने की बात स्वीकार करता है कि उसकी जान तक जा सकती थी और इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होती, तो यह समाज और देश के लिए गलत मिसाल होगी।
चिराग ने निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती।







