यूरोपीय संघ (EU) के डेटा गोपनीयता नियामक ने उपयोगकर्ताओं के लोकेशन डेटा के कथित गलत इस्तेमाल को लेकर Google पर 46.3 करोड़ अमेरिकी डॉलर का जुर्माना लगाया है। आयरलैंड के डेटा संरक्षण आयोग (DPC) ने सोमवार को इसकी जानकारी दी।
Web & App Activity और Location History की जांच
DPC की जांच में पाया गया कि Google ने उपयोगकर्ताओं के लोकेशन डेटा को प्रोसेस करने के दौरान कानूनी और निष्पक्ष तरीके से काम नहीं किया। जांच में कंपनी की Web & App Activity सेटिंग और Location History सेवा को भी शामिल किया गया।
Web & App Activity के जरिए उपयोगकर्ताओं की ब्राउजिंग और सर्च हिस्ट्री से जुड़ी गतिविधियों को रिकॉर्ड किया जाता है, जबकि Location History मोबाइल फोन के जरिए उपयोगकर्ता के स्थान से संबंधित जानकारी को ट्रैक करती है।
Location Accuracy फीचर पर भी उठे सवाल
नियामक ने Android मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम के Location Accuracy फीचर की भी जांच की। DPC के मुताबिक, इस फीचर के तहत व्यक्तिगत डेटा को प्रोसेस करते समय Google कानूनी, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से काम करने की आवश्यकताओं को पूरा करने में विफल रहा।
नियामकों ने कहा कि लोकेशन डेटा व्यक्तिगत डेटा की श्रेणी में आता है। Google द्वारा एकत्र की गई ऐसी जानकारी का इस्तेमाल किसी व्यक्ति के स्थान का अनुमान लगाने के लिए किया जा सकता है।
आयरलैंड में है Google का यूरोपीय मुख्यालय
Google का यूरोपीय मुख्यालय डबलिन, आयरलैंड में है। इसी वजह से आयरलैंड का डेटा संरक्षण आयोग EU में कंपनी का प्रमुख डेटा गोपनीयता नियामक है और Google की डेटा प्रोसेसिंग गतिविधियों की निगरानी में इसकी अहम भूमिका है।
Google ने कहा- पुरानी नीतियों से जुड़ा मामला
जुर्माने पर Google ने कहा कि यह मामला उसकी पुरानी नीतियों और प्रक्रियाओं से संबंधित है, जिन्हें अब अपडेट किया जा चुका है। कंपनी के मुताबिक, 2019 के बाद से उसकी कार्यप्रणाली में काफी सुधार हुआ है और उपयोगकर्ताओं को अपने लोकेशन डेटा को मैनेज करने के लिए बेहतर और आसान टूल्स उपलब्ध कराए गए हैं।
मामले ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि बड़ी टेक कंपनियां उपयोगकर्ताओं के व्यक्तिगत और लोकेशन डेटा को किस तरह एकत्र और प्रोसेस करती हैं और इसके लिए उन्हें कितनी पारदर्शिता बरतनी चाहिए।







