कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रविवार को गोवा के मडगांव में पार्टी की ‘गोय राखोन यात्रा’ में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ करीब दो किलोमीटर की पदयात्रा की। इसके बाद मडगांव क्रिकेट क्लब मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कथित ‘वोट चोरी’ और गोवा में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को घेरा।
‘वोट चोरी’ को लेकर पीएम मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार पर आरोप
राहुल गांधी ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि वोटों की कथित चोरी की प्रक्रिया में अलग-अलग स्तरों पर इनकी भूमिका है। हालांकि, ये राहुल गांधी के आरोप हैं।
उन्होंने कहा कि वह 45 से अधिक मानहानि के मामलों का सामना कर रहे हैं। उनके मुताबिक, ये मामले अमित शाह, नरेंद्र मोदी और अन्य लोगों की ओर से दायर किए गए हैं। राहुल गांधी ने दावा किया कि वोट चोरी का मुद्दा उठाने के बावजूद इस आरोप को लेकर उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि यदि इस मुद्दे पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होती है, तो इससे पूरी प्रक्रिया और संबंधित लोगों की भूमिका पर सवाल उठेंगे।
‘मोदी, शाह और ज्ञानेश कुमार को जवाब देना होगा’
जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार को अपने कार्यों के लिए जवाबदेह होना पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ये नेता जानते हैं कि कांग्रेस पार्टी उन्हें जवाबदेह ठहराने की कोशिश जारी रखेगी।
राहुल गांधी ने संविधान की रक्षा को कांग्रेस का कर्तव्य बताते हुए कहा कि कथित वोट चोरी लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक मूल्यों पर हमला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस तरह की गतिविधियों को स्वीकार नहीं करेगी।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि जिन लोगों पर उन्होंने आरोप लगाए हैं, उन्हें अपने कामों का जवाब देना होगा और इसके लिए जिम्मेदारी तय की जाएगी।
राहुल गांधी ने गोवा में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया
राहुल गांधी ने गोवा की राजनीति में भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि गोवा में भ्रष्टाचार बड़े स्तर पर है। उन्होंने यह भी दावा किया कि गोवा देश के सबसे भ्रष्ट राज्यों में शामिल हो सकता है।
राहुल गांधी ने राज्य में भ्रष्टाचार को लेकर बीजेपी की नीतियों और कामकाज पर सवाल उठाए। उनके इन बयानों के जरिए कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राज्य सरकार के खिलाफ अपना राजनीतिक अभियान तेज करने का संकेत दिया।
27 दिन चली ‘गोय राखोन यात्रा’ का समापन
राहुल गांधी के साथ पदयात्रा में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के गोवा प्रभारी माणिकराव ठाकरे, सह-प्रभारी अंजलि निंबालकर, गोवा विधानसभा में विपक्ष के नेता यूरी अलेमाओ और गोवा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गिरीश चोडनकर भी मौजूद रहे।
‘गोय राखोन यात्रा’ का नेतृत्व यूरी अलेमाओ और गिरीश चोडनकर ने किया। कांग्रेस के अनुसार, यात्रा की शुरुआत 22 सितंबर को हुई थी और 27 दिनों तक चलने के बाद रविवार को इसका समापन हुआ।
पार्टी का दावा है कि इस दौरान गोवा की सभी 40 विधानसभा सीटों को कवर किया गया। कांग्रेस का उद्देश्य 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करना और कार्यकर्ताओं के साथ जनसंपर्क बढ़ाना है।
2027 के विधानसभा चुनाव पर कांग्रेस की नजर
गोवा में ‘गोय राखोन यात्रा’ के समापन के साथ कांग्रेस ने भ्रष्टाचार, लोकतंत्र और कथित वोट चोरी जैसे मुद्दों को अपने राजनीतिक अभियान के केंद्र में रखा है। राहुल गांधी के संबोधन से स्पष्ट है कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में संगठन को मजबूत करने और बीजेपी सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है।
हालांकि, राहुल गांधी की ओर से लगाए गए आरोपों और भ्रष्टाचार संबंधी दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।







