केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लंदन में हुए एक प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के झंडों के साथ कांग्रेस के झंडे दिखाई देने पर कांग्रेस पार्टी की आलोचना की है। 19 अक्टूबर को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया देते हुए रिजिजू ने कहा कि भारत-विरोधी ताकतें देश को कभी तोड़ नहीं सकतीं।
रिजिजू ने अपनी पोस्ट में लिखा कि लंदन में पाकिस्तान और PoK के झंडों के साथ कांग्रेस के झंडे दिखाई दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत-विरोधी समूहों के एकत्र होने से देश के देशभक्त नागरिक डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भारत कभी नहीं झुकेगा और कोई भी ताकत देश को तोड़ने में सफल नहीं होगी।
17 अक्टूबर को लंदन के पार्लियामेंट स्क्वायर में प्रदर्शन
यह बयान 17 अक्टूबर को लंदन के पार्लियामेंट स्क्वायर में हुए एक विरोध प्रदर्शन के बाद आया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को लेकर अलग-अलग विचार रखने वाले लोग शामिल थे।
यह प्रदर्शन भारत में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में चल रही राजनीतिक गतिविधियों के बीच हुआ। विपक्षी दलों ने इस प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है।
हालांकि, लंदन में प्रदर्शन के दौरान विभिन्न झंडों की मौजूदगी और संबंधित समूहों की भूमिका को लेकर सामने आए दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
लंदन में भारतीय प्रवासियों का जवाबी प्रदर्शन
लंदन में 16 अक्टूबर को भारतीय प्रवासियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में एक जवाबी प्रदर्शन भी किया था। बताया गया कि प्रदर्शनकारियों ने भारतीय उच्चायोग के बाहर कांग्रेस समर्थित नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) और अन्य समूहों के विरोध प्रदर्शन पर आपत्ति जताई।
इस घटनाक्रम के बाद लंदन में भारत की राजनीति, चुनाव आयोग और मतदाता सूची संशोधन को लेकर अलग-अलग पक्षों की गतिविधियां चर्चा में आ गईं।
दिल्ली में भी निकली तिरंगा रैली
इसी मुद्दे को लेकर 16 अक्टूबर को नई दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क के बाहर भी प्रदर्शन हुआ। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने तिरंगा रैली निकाली। इस दौरान चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए गए।
इससे पहले, CJP कार्यकर्ता अभिजीत दिपके ने ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली के तहत लोगों से 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगा फहराने के लिए जुटने की अपील की थी।
विरोध प्रदर्शनों के दौरान करीब 150 लोग हिरासत में
नई दिल्ली में मध्य क्षेत्र में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान दिल्ली पुलिस ने करीब 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था। घटनाक्रम के बीच चुनाव आयोग की भूमिका, SIR प्रक्रिया और राजनीतिक दलों के आरोप-प्रत्यारोप को लेकर विवाद बढ़ा है।
लंदन में झंडों को लेकर किरेन रिजिजू की टिप्पणी ने इस राजनीतिक विवाद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में ला दिया है। जहां बीजेपी ने कांग्रेस पर सवाल उठाए हैं, वहीं SIR का विरोध कर रहे समूह चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।







