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हनुमान जी कभी मेरे घर भी पधारो | भजन लिरिक्स

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admin
02 जून 2026 को 06:22 am बजे
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हनुमान भक्तों के लिए यह भजन श्रद्धा, समर्पण और विश्वास का सुंदर संदेश देता है। “हनुमानजी कभी मेरे घर भी पधारो” भजन में भक्त प्रभु से अपने जीवन में आने, बुद्धि-विवेक प्रदान करने और जीवन की नैया पार लगाने की प्रार्थना करता है। पूजा, पाठ, सुंदरकांड या हनुमान जी की आराधना के समय इस भजन का गायन और श्रवण विशेष फलदायी माना जाता है।

हनुमानजी कभी मेरे घर भी पधारो

हनुमानजी कभी मेरे घर भी पधारो,
बुद्धि विवेक की बारिश करके,
बुद्धि विवेक की बारिश करके,
मेरा भी जीवन तारो,
हनुमानजी कभी मेरे घर भी पधारो ॥

हनुमान जी की महिमा का गुणगान

तुम बलशाली हो, ग्रंथों के ज्ञाता,
तुम बिन कोई भी पार न पाता।
तेरी महिमा गाके हनुमत,
तेरी महिमा गाके हनुमत,
तर गए लाख हजारों,
हनुमानजी कभी मेरे घर भी पधारो ॥

भक्त की विनम्र प्रार्थना

सादर सेवा की भाव जगी है,
तेरे दर्शन की आस लगी है।
हम हैं तुम्हारे भक्त वो हनुमत,
हम हैं तुम्हारे भक्त वो हनुमत,
ऐसे न हमको बिसारो,
हनुमानजी कभी मेरे घर भी पधारो ॥

जीवन नैया पार लगाने की पुकार

भक्त परदेसी के तुम हितकारी,
गावे ‘निरंजन’ महिमा तुम्हारी।
जीवन नैया बिच भंवर में,
जीवन नैया बिच भंवर में,
आके पार उतारो,
हनुमानजी कभी मेरे घर भी पधारो ॥

भजन का समापन

हनुमानजी कभी मेरे घर भी पधारो,
बुद्धि विवेक की बारिश करके,
बुद्धि विवेक की बारिश करके,
मेरा भी जीवन तारो,
हनुमानजी कभी मेरे घर भी पधारो ॥