Hari Naam Nhi To Jeena Kya Bhajan: “हरि नाम नहीं तो जीना क्या, अमृत है हरि नाम जगत में…” भगवान विष्णु का यह अत्यंत लोकप्रिय और भक्तिमय भजन है। मान्यता है कि इस भजन का श्रद्धापूर्वक गायन या श्रवण करने से मन को शांति मिलती है और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। आप इसे विष्णु पूजा, भजन-कीर्तन या दैनिक आराधना के दौरान गा या सुन सकते हैं।
विष्णु जी का भजन – हरि नाम नहीं तो जीना क्या
हरि नाम नहीं तो जीना क्या
हरि नाम नहीं तो जीना क्या,
अमृत है हरि नाम जगत में,
इसे छोड़ विषय विष पीना क्या।
हरि नाम का स्मरण ही सच्चा सहारा
काल सदा अपने रस डोले,
ना जाने कब सर चढ़ बोले।
हर का नाम जपो निसवासर,
अगले समय पर समय ही ना,
हरि नाम नहीं तो जीना क्या।
जीवन का सच्चा आभूषण
भूषण से सब अंग सजावे,
रसना पर हरि नाम ना लावे।
देह पड़ी रह जावे यही पर,
फिर कुंडल और नगीना क्या,
हरि नाम नहीं तो जीना क्या।
हरि नाम ही सबसे बड़ा तीर्थ
तीरथ है हरि नाम तुम्हारा,
फिर क्यों फिरता मारा-मारा।
अंत समय हरि नाम ना आवे,
फिर काशी और मदीना क्या,
हरि नाम नहीं तो जीना क्या।







