National Thoughts Logo
National Thoughts
AWebPortalOfPositiveJournalism

मुख में मुद्रिका श्रीराम की, तन पे चोला लाल | हनुमान भजन

a
admin
04 अगस्त 2026 को 04:43 am बजे
Featured Image

Lord Hanuman Bhajan Lyrics: “मुख में मुद्रिका श्रीराम की, तन पे चोला लाल हैं…” भगवान हनुमान का यह लोकप्रिय भजन उनकी अटूट भक्ति, पराक्रम और श्रीराम के प्रति समर्पण का अद्भुत वर्णन करता है। आप इस भजन को मंगलवार, शनिवार, हनुमान जयंती या हनुमान जी की पूजा-अर्चना के समय गा या सुन सकते हैं।

हनुमान जी का भजन (Hanuman Bhajan Lyrics)

मुख में मुद्रिका श्रीराम की
तन पे चोला लाल हैं।
उड़ चला श्रीराम का सेवक,
इसकी लीला कमाल हैं।।

सुरसा ने ली बल और बुद्धि की परीक्षा

रस्ते में सुरसा ने रोका,
उड़ते हुए हनुमत को टोका।
बल-बुद्धि की देकर परीक्षा,
लंका पहुँचा वीर ये योद्धा।।

लंकिनी का हुआ पराभव

लंका में जब मिली लंकिनी,
मार के मुष्टि दे दी पटकनी।
हाथ जोड़कर बोली लंकिनी,
निश्चित है अब लंका ढहनी।।

विभीषण से हुई भेंट

माता को जब खोजने लागे,
आहट सुन विभीषण जागे।
पूछा उसने, “कौन हो भाई?”
तब हनुमत ने सब बात बताई।।

मैं हूँ राम का दूत ओ भ्राता,
मुझे बता दो कहाँ है माता।
विभीषण ने फिर राह बताई,
अशोक वाटिका उसने दिखाई।।

माता सीता को दी श्रीराम की मुद्रिका

हनुमत ने जब माता देखी,
पास में उनके मुद्रिका फेंकी।
देख मुद्रिका माता हर्षाईं,
“राम की मुद्रिका कहाँ से आई?”

तब हनुमत सामने आया,
बोला, “मुद्रिका मैं हूँ लाया।”
“मैं प्रभु राम का सेवक माता,
राम हैं मेरे भाग्य विधाता।”

लंका में हनुमान जी का पराक्रम

अब चिंता सब त्याग दो माता,
कुछ मीठे फल चखकर हूँ आता।
चले हनुमत लीला दिखाने,
रावण की लंका को जलाने।।

जो भी राक्षस सामने आया,
हनुमत ने उसे मार गिराया।
अक्षय कुमार को पल में मारा,
मेघनाथ को भी ललकारा।।

रावण को दी श्रीराम का संदेश

रावण की जब सभा में पहुँचा,
बड़ी जोर से हनुमत गरजा।
बोला, “सुन रावण अभिमानी,
राम से बैर न कर अज्ञानी।”

लंका दहन का प्रसंग

रावण ने जब बात न मानी,
पूँछ में आग लगाने की ठानी।
जैसे ही पूँछ में आग लगाई,
हनुमत ने पूरी लंका जलाई।।

राम नाम का बजा के डंका,
जला डाली सोने की लंका।
माता से फिर ले के निशानी,
वापस लौटा हनुमत ज्ञानी।।