Jai Gajanan Gauri Ke Nandan: भगवान श्री गणेश को समर्पित यह अत्यंत लोकप्रिय और भक्तिमय भजन है। मान्यता है कि इस भजन का श्रद्धापूर्वक गायन या श्रवण करने से विघ्नहर्ता श्री गणेश की कृपा प्राप्त होती है। आप इस भजन को प्रतिदिन गणेश पूजा, गणेश चतुर्थी या किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले गा या सुन सकते हैं।
भगवान गणेश भजन
जय गजानन, गौरी के नंदन
जय गजानन गोरी के नंदन, शिव प्यारे सुखदाता।
जय गणपति मंगलदाता, जय गणपति मंगलदाता।।
काशी में जन्म और आराधना
देवा काशी पुरी में जन्म तिहारों, गिरिजा गोद खिलायें।
देवा धूप, दीप, नैवेद्य आरती, तन सिंदूर लगायें।
अरु मोदक भोग लगायें।
देवा आज सभा में आन बिराजो, कार्तिक जी के भ्राता।
जय गणपति मंगलदाता, जय गणपति मंगलदाता।।
रिद्धि-सिद्धि के स्वामी
देवा रिद्धि-सिद्धि तेरे चँवर डुलायें, मूषक की है सवारी।
देवा पान-पुष्प चरणों में चढ़ाकर, पूजे दुनिया सारी।
तोहे ध्यावे सब नर और नारी।
देवा सब गुण लायक, बुद्धि दायक, शिवसुत ज्ञान सुजाता।
जय गणपति मंगलदाता, जय गणपति मंगलदाता।।
ऋषि-मुनियों के आराध्य
देवा ऋषि-मुनि सब ध्यान लगाकर, तेरा ही गुण गायें।
देवा तानसेन से ज्ञानी तुमको, सबसे प्रथम मनायें।
चरणों में शीश झुकायें।
देवा सब गुण लायक, बुद्धि दायक, चरणों में शीश झुकाता।
जय गणपति मंगलदाता, जय गणपति मंगलदाता।।
भजन का महत्व
भगवान श्री गणेश का यह भजन भक्तों के मन में श्रद्धा, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। किसी भी शुभ कार्य से पहले या प्रतिदिन पूजा के समय इस भजन का पाठ या श्रवण करने से भगवान गणेश की कृपा प्राप्त होती है और जीवन के विघ्न दूर होने की मान्यता है।







