दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला PG इमारत ढहने से छह लोगों की मौत के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे के बाद MCD ने पूरी दिल्ली में चार मंजिल से अधिक ऊंची अवैध इमारतों और निर्माणों को सील करने का आदेश दिया है।
दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही ने घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अवैध निर्माण को बढ़ावा देने या बनने देने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी, जिसमें नौकरी से हटाने तक की कार्रवाई शामिल हो सकती है।
मेयर ने सोशल मीडिया मंच ‘X’ पर कहा कि सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे के दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
सत्य निकेतन हादसे की मुख्य बातें
करीब 30 साल पुरानी थी इमारत
रविवार दोपहर अचानक ढही पांच मंजिला इमारत करीब तीन दशक पुरानी बताई जा रही है। इसमें छात्रों के लिए पेइंग गेस्ट (PG) आवास संचालित किया जा रहा था। इमारत गिरने के बाद कई लोग मलबे में दब गए।
6 लोगों की मौत, 10 घायल
हादसे में अब तक छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं, कई घायलों को उपचार के लिए AIIMS ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। अस्पताल के अनुसार, हादसे के बाद 10 घायलों को वहां इलाज के लिए लाया गया।
रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन
इमारत गिरने के बाद NDRF, दिल्ली पुलिस और दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) की टीमों ने रातभर मलबे में तलाशी और बचाव अभियान चलाया। राहतकर्मियों ने मलबे में फंसे लोगों का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया।
पांच मंजिला PG इमारत अचानक ढही
सत्य निकेतन में रविवार दोपहर करीब तीन दशक पुरानी पांच मंजिला PG इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। अधिकारियों के मुताबिक, मलबे में 15 से 20 लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई थी।
हादसे के बाद बचाव दलों ने कई घंटों तक अभियान चलाया। राहतकर्मियों ने मलबे को सावधानी से हटाकर फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया। घटना में छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
घायलों को AIIMS ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया
हादसे में घायल लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। AIIMS ट्रॉमा सेंटर के अनुसार, घटना के बाद 10 घायल लोगों को अस्पताल लाया गया।
बचाव अभियान में कई एजेंसियां शामिल रहीं और मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए लगातार तलाशी अभियान चलाया गया।
बिल्डिंग मालिक समेत अन्य लोगों पर केस
हादसे के बाद दिल्ली पुलिस ने इमारत के कथित मालिक हरिराम और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले में इमारत की स्थिति, उसके रखरखाव और निर्माण या मरम्मत से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
जांच के दौरान यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इमारत में सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं और हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है।
MCD ने अवैध इमारतों पर कार्रवाई के दिए निर्देश
सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने चार मंजिल से अधिक ऊंचे अवैध निर्माणों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। ऐसे निर्माणों को सील करने की कार्रवाई की जाएगी, ताकि असुरक्षित इमारतों में लोगों के रहने पर रोक लगाई जा सके।
इस आदेश के बाद अवैध निर्माणों को लेकर MCD की निगरानी और कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। खास तौर पर यह जांच का विषय है कि नियमों के विपरीत निर्माण होने के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की।
मेयर प्रवेश वाही ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी अधिकारी की लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सत्य निकेतन की इमारत को खाली करने का नोटिस
साउथ जोन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (बिल्डिंग)-II की ओर से जारी नोटिस में प्रॉपर्टी नंबर 82, सत्य निकेतन, नई दिल्ली के मालिक या कब्जेदार को परिसर खाली करने का निर्देश दिया गया है।
नोटिस के अनुसार, MCD के निरीक्षण में पाया गया कि इस इमारत में लोग रह रहे थे और संपत्ति जर्जर एवं खतरनाक स्थिति में थी। नगर निगम ने कहा कि इमारत की खराब स्थिति वहां रहने वाले लोगों के साथ-साथ आसपास से गुजरने वाले लोगों के लिए भी खतरा पैदा कर सकती थी।
MCD ने आसपास के क्षेत्र में संभावित खतरे को देखते हुए आवश्यक सुरक्षा कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सत्य निकेतन हादसे के बाद अब राजधानी में अवैध और जर्जर इमारतों के खिलाफ कार्रवाई तेज होने की संभावना है।







