National Thoughts Logo
National Thoughts
AWebPortalOfPositiveJournalism

तमिलनाडु विधानसभा में हंगामा, CM विजय ने पुलिस को लेकर कही बड़ी बात

a
admin
07 सितंबर 2026 को 06:52 am बजे
Featured Image

तमिलनाडु विधानसभा का सत्र सोमवार को हंगामेदार तरीके से शुरू हुआ। विपक्षी दल DMK के विधायकों ने राज्य में हाल में हुई हत्याओं और कथित बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर जोरदार नारेबाजी की। विपक्ष ने इन घटनाओं पर सदन में तत्काल चर्चा की मांग की।

हंगामे के बीच मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अपनी सरकार के रुख का बचाव किया और पुलिसिंग व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग को जनता का रक्षक बनना चाहिए, न कि किसी स्वतंत्र ‘पावर सेंटर’ के रूप में काम करना चाहिए।

पुलिस को जनता का रक्षक बनना चाहिए: विजय

विधानसभा में बोलते हुए मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि पुलिस विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी नागरिकों की सुरक्षा करना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।

उन्होंने कहा, “पुलिस विभाग अच्छे लोगों का दोस्त और बुरे लोगों का दुश्मन होना चाहिए। कानून सभी के लिए समान है। जो कोई भी अपराध करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह किसी भी पार्टी से जुड़ा हो।”

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार अपराध के मामलों में राजनीतिक संबद्धता के आधार पर किसी तरह का भेदभाव नहीं करेगी।

‘पुलिस सत्ता का केंद्र नहीं बन सकती’

विजय ने पुलिस विभाग को स्वतंत्र सत्ता केंद्र बनने देने के खिलाफ भी आगाह किया। उन्होंने कहा कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य लोगों की सुरक्षा करना और जनता का भरोसा कायम रखना होना चाहिए।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, पुलिस व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिसमें कानून का समान रूप से पालन हो और आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करे।

‘पिछले तीन महीनों के अपराध अचानक नहीं हुए’

पिछले तीन महीनों में हुई आपराधिक घटनाओं का जिक्र करते हुए विजय ने कहा कि इन्हें अचानक हुई घटनाओं के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कई मामलों के पीछे पुरानी दुश्मनी और बदले की भावना जैसे कारण रहे हैं।

उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह ऐसी घटनाओं का इस्तेमाल सरकार को निशाना बनाने के लिए कर रहा है, जबकि अपराधों के पीछे कई सामाजिक और व्यक्तिगत कारण भी होते हैं।

ड्रग्स के खिलाफ सरकार का बड़ा अभियान

मुख्यमंत्री विजय ने राज्य में ड्रग्स की समस्या को भी गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि खासतौर पर युवाओं को ड्रग्स से दूर रखने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

विजय ने कोयंबटूर में कॉलेज छात्र की हत्या के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि इस मामले में 36 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि हर अपराध के पीछे कई कारण होते हैं और सरकार उन कारणों पर भी ध्यान दे रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के एक बड़े भाई के तौर पर वह तमिलनाडु में ‘ड्रग कल्चर’ खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

37 जिलों में एंटी-ड्रग स्क्वाड

विजय ने बताया कि राज्य के सभी 37 जिलों में एंटी-ड्रग स्क्वाड बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि NDPS एक्ट के तहत पिछले तीन महीनों में चेन्नई में 330 मामले दर्ज किए गए और 556 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

मुख्यमंत्री ने युवाओं में ड्रग्स के बढ़ते इस्तेमाल के पीछे पीयर प्रेशर को भी एक कारण बताया और इसे रोकने के लिए सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी।

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति

मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की नीति भी दोहराई। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार को लेकर सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति है और इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

विजय ने कहा कि कानून-व्यवस्था के साथ-साथ भ्रष्टाचार और नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई को भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है।

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर जोर

मुख्यमंत्री ने महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों की रोकथाम पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि अपराध होने से पहले उसे रोकना है।

इसी दिशा में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की रोकथाम के लिए ‘सिंगप्पेन स्पेशल फोर्स’ के गठन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं की सुरक्षा के लिए रोकथाम आधारित पुलिसिंग को मजबूत कर रही है।

कानून-व्यवस्था पर सरकार का फोकस

विधानसभा में मुख्यमंत्री विजय के बयान में तीन प्रमुख मुद्दे सामने आए—कानून का सभी के लिए समान रूप से पालन, ड्रग्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई और महिलाओं-बच्चों समेत कमजोर वर्गों की सुरक्षा।

वहीं, विपक्षी विधायकों ने राज्य में हालिया आपराधिक घटनाओं को लेकर सरकार से जवाब मांगा। विधानसभा में कानून-व्यवस्था को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी टकराव आगे भी जारी रहने के आसार हैं।