कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में चाय पर हुई एक अनौपचारिक मुलाकात के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच दिलचस्प बातचीत हुई। इस दौरान राहुल गांधी ने कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने वाले नेताओं पर निशाना साधा और पार्टी में डटे रहने वाले कार्यकर्ताओं की जमकर तारीफ की। वहीं, खड़गे ने अपनी टिप्पणी से राहुल गांधी को उनके पुराने दोस्तों की याद दिला दी।
पार्टी में डटे कार्यकर्ताओं को बताया ‘बब्बर शेर’
राहुल गांधी ने कांग्रेस के युवा कार्यकर्ताओं से बातचीत करते हुए कहा कि उनका हमेशा से मानना रहा है कि पार्टी के कार्यकर्ता ‘बब्बर शेर’ हैं। उन्होंने कहा कि ये ऐसे कार्यकर्ता हैं, जो राजनीतिक दबाव, धमकियों और मुकदमों से नहीं डरते। उन्होंने BJP और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के खिलाफ लड़ाई जारी रखने वाले कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि कांग्रेस को ऐसे लोगों पर भरोसा है, जो मुश्किल परिस्थितियों में भी पार्टी के साथ खड़े रहे।
पार्टी छोड़ने वालों को बताया कायर और लालची
News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, राहुल गांधी ने कांग्रेस छोड़कर जाने वाले नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्हें कायर और लालची बताया। उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं ने दबाव में आकर या अपने निजी स्वार्थों के चलते पार्टी छोड़ दी।
इस संदर्भ में उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया, आरपीएन सिंह और जितिन प्रसाद जैसे नेताओं का उदाहरण दिया, जो कांग्रेस छोड़कर BJP में शामिल हो गए थे।
खड़गे ने दिलाई राहुल गांधी को पुराने दोस्तों की याद
राहुल गांधी की टिप्पणी पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी छोड़कर जाने वाले नेता कभी राहुल गांधी के दोस्त हुआ करते थे। इस पर राहुल गांधी ने जवाब दिया कि उन्हें उन लोगों को पहचानने में गलती हो गई थी।
इस बातचीत ने कांग्रेस के भीतर उन नेताओं के पार्टी छोड़ने को लेकर चलने वाली पुरानी बहस को फिर से चर्चा में ला दिया, जो कभी राहुल गांधी के करीबी माने जाते थे।
सिंधिया, आरपीएन सिंह और जितिन प्रसाद का दिया उदाहरण
कांग्रेस छोड़कर BJP में शामिल होने वाले नेताओं में ज्योतिरादित्य सिंधिया, आरपीएन सिंह और जितिन प्रसाद प्रमुख नाम हैं। सिंधिया ने वर्ष 2020 में कांग्रेस छोड़कर BJP का दामन थाम लिया था। वहीं, आरपीएन सिंह और जितिन प्रसाद भी बाद में BJP में शामिल हो गए।
राहुल गांधी जहां पार्टी छोड़ने वाले नेताओं और कांग्रेस के साथ डटे रहने वाले कार्यकर्ताओं के बीच अंतर बता रहे थे, वहीं खड़गे की टिप्पणी ने इस मुद्दे में व्यक्तिगत रिश्तों का पहलू भी जोड़ दिया।
इंदिरा गांधी से मिली सीख का किया जिक्र
इस अनौपचारिक बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने अपनी दादी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से मिली एक सीख का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति दोस्त जैसा दिखाई देता है, जरूरी नहीं कि वह वास्तव में दोस्त हो। इसी तरह, जो विरोधी जैसा दिखता है, वह हमेशा दुश्मन नहीं होता।
युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं से की बातचीत
राहुल गांधी ने इंडियन यूथ कांग्रेस, नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) और सेवा दल के युवा कार्यकर्ताओं को इंदिरा भवन में चाय पर अनौपचारिक बातचीत के लिए आमंत्रित किया था। खबरों के अनुसार, इस बैठक में करीब 60 कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
इस मुलाकात में राहुल गांधी ने जहां पार्टी के प्रति निष्ठावान कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया, वहीं खड़गे की टिप्पणी ने कांग्रेस छोड़कर BJP में शामिल हुए नेताओं के साथ राहुल गांधी के पुराने संबंधों को भी चर्चा का विषय बना दिया।







