उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि जो जनप्रतिनिधि अपने परिवार तक ही सीमित रहते हैं और दोपहर में सोकर उठते हैं, वे आम जनता की समस्याओं को नहीं समझ सकते। उनका यह बयान समाजवादी पार्टी (सपा) और पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर कटाक्ष के रूप में देखा जा रहा है।
वाराणसी में सफाई कर्मचारियों को सम्मानित करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि जो नेता अपने परिवार को ही अपनी पूरी दुनिया मानते हैं, वे समाज में बदलाव नहीं ला सकते। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनप्रतिनिधियों को जनता के बीच रहना चाहिए और उनके सुख-दुख में भागीदार बनना चाहिए।
दोपहर में उठने वाले नेताओं पर निशाना
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जागरूक नागरिकों के निर्माण में जनप्रतिनिधियों की अहम भूमिका होती है। यदि नेतृत्व करने वाला व्यक्ति ही अपने दायित्वों के प्रति गंभीर नहीं है और दोपहर 12 बजे सोकर उठता है, तो इसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ सकता है।
मुख्यमंत्री पहले भी अखिलेश यादव की कथित दिनचर्या को लेकर उन पर निशाना साधते रहे हैं। उनके बयानों में देर से उठने और जनहित के मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान नहीं देने को लेकर आलोचना शामिल रही है।
निर्वाचन क्षेत्र से दूरी बनाने वाले प्रतिनिधियों की आलोचना
मुख्यमंत्री ने बिना किसी का नाम लिए उन जनप्रतिनिधियों की भी आलोचना की, जो चुनाव जीतने के बाद अपने निर्वाचन क्षेत्र में जाना जरूरी नहीं समझते।
उन्होंने कहा कि कुछ नेता लखनऊ में ही जमे रहते हैं और अपने क्षेत्र की समस्याओं से दूरी बना लेते हैं। योगी ने जोर देकर कहा कि जनप्रतिनिधियों को केवल प्रशासन की शिकायत करने के बजाय जनता के साथ सीधा संवाद स्थापित करना चाहिए।
उनके मुताबिक, निर्वाचित प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे लोगों की समस्याएं सुनें और यह सुनिश्चित करें कि सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचे।
वाराणसी का 76 दिवसीय स्वच्छता अभियान बना उदाहरण
योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में चलाए जा रहे 76 दिवसीय स्वच्छता अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह की पहल अन्य निर्वाचन क्षेत्रों के लिए भी उदाहरण बन सकती है।
उन्होंने बताया कि स्थानीय निवासियों को अभियान से जोड़ना, नागरिक समस्याओं का समाधान करना और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए शिविर आयोजित करना जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता होनी चाहिए।
आयुष्मान कार्ड से पेंशन तक, योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे ऐसे शिविर आयोजित करें, जिनके माध्यम से पात्र लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। इनमें आयुष्मान भारत हेल्थ कार्ड, आवास सहायता, निराश्रित महिलाओं और बुजुर्गों के लिए पेंशन, राशन कार्ड तथा पीएम विश्वकर्मा योजना जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ जाति, धर्म, भाषा या क्षेत्र के आधार पर किसी भेदभाव के बिना पात्र लाभार्थियों तक पहुंचना चाहिए।
जनता और प्रशासन के बीच सेतु बनें जनप्रतिनिधि
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को नागरिकों और प्रशासन के बीच एक मजबूत सेतु के रूप में काम करना चाहिए। उनकी जिम्मेदारी केवल चुनाव जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता की समस्याओं का समाधान कराना और सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना भी है।
मुख्यमंत्री के इस बयान से उत्तर प्रदेश में भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है।







