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शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 183 अंक चढ़ा; TCS 2% से ज्यादा उछला

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admin
15 अक्टूबर 2026 | 03:56 pm IST
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नई दिल्ली। वैश्विक बाजारों में कमजोरी और महंगाई के दबाव के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 183.91 अंक यानी 0.25 प्रतिशत चढ़कर 72,965.80 पर खुला। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 ने 48.60 अंक की बढ़त के साथ 22,671.30 के स्तर पर शुरुआत की।

हालांकि, प्रमुख सूचकांकों में तेजी के बावजूद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में कमजोरी देखने को मिली। इससे संकेत मिला कि बाजार में तेजी का असर सभी श्रेणियों के शेयरों पर समान रूप से नहीं पड़ा।

सेंसेक्स के इन शेयरों में रही तेजी

सेंसेक्स में शामिल शेयरों में टीसीएस (TCS), महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M), एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा और रिलायंस इंडस्ट्रीज में बढ़त दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में टीसीएस 2.26 प्रतिशत चढ़कर सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले शेयरों में शामिल रहा।

इसके विपरीत, सन फार्मा, पावर ग्रिड, बजाज फाइनेंस, इंडिगो और एनटीपीसी के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। सन फार्मा का शेयर शुरुआती कारोबार में 1.08 प्रतिशत नीचे रहा।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर दबाव

बाजार के व्यापक सूचकांकों में कमजोरी बनी रही। बीएसई मिडकैप सिलेक्ट इंडेक्स 3.16 अंक गिरा, जबकि बीएसई स्मॉलकैप सिलेक्ट इंडेक्स 17.31 अंक यानी 0.19 प्रतिशत टूटकर 8,995.66 पर आ गया।

शुरुआती कारोबार में एनएसई पर 1,106 शेयरों में तेजी आई, जबकि 1,188 शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। वहीं, 182 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। तेजी वाले प्रमुख सूचकांकों के बावजूद गिरने वाले शेयरों की संख्या अधिक रहना बाजार में सतर्कता का संकेत रहा।

गिफ्ट निफ्टी ने दिए थे कमजोर शुरुआत के संकेत

गिफ्ट निफ्टी ने कारोबार से पहले भारतीय बाजार के लिए कमजोर शुरुआत का संकेत दिया था। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, यह पिछले बंद स्तर 22,622.50 के मुकाबले 97.5 अंक नीचे 22,525 पर था।

14 अक्टूबर 2026 को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 1,857.44 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 2,670.44 करोड़ रुपये की खरीदारी की। घरेलू निवेशकों की खरीदारी ने बाजार को कुछ सहारा दिया, जबकि विदेशी निवेशकों की बिकवाली चिंता का विषय बनी रही।

विशेषज्ञों की राय: उतार-चढ़ाव से रहें सतर्क

चॉइस ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर के मुताबिक, वैश्विक अनिश्चितता और हालिया मुनाफावसूली बाजार की तेजी को सीमित कर सकती है। उन्होंने बढ़ती अस्थिरता और विदेशी निवेशकों की बिकवाली पर नजर रखने की सलाह दी।

उनके अनुसार, घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी बाजार को सहारा दे सकती है, लेकिन आने वाले कारोबार में कंपनियों के वित्तीय नतीजों, कच्चे तेल की कीमतों और विभिन्न सेक्टरों में खरीदारी के रुझान की अहम भूमिका रहेगी।

एशियाई बाजारों में भारी गिरावट

महंगाई को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच अमेरिकी बाजारों में जुलाई के बाद की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज किए जाने का असर एशियाई बाजारों पर भी दिखाई दिया।

उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, जापान का निक्केई 225 सूचकांक 3,478.29 अंक यानी 5.13 प्रतिशत गिरकर 64,266 पर आ गया। हांगकांग का हैंग सेंग 367.17 अंक यानी 1.51 प्रतिशत नीचे रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 481.69 अंक यानी 8.72 प्रतिशत लुढ़क गया, जबकि शंघाई का एसएसई कंपोजिट इंडेक्स 74.58 अंक यानी 1.98 प्रतिशत गिर गया।

कुल मिलाकर, भारतीय बाजार की शुरुआत भले ही बढ़त के साथ हुई, लेकिन विदेशी निवेशकों की बिकवाली, वैश्विक अनिश्चितता और व्यापक बाजार में कमजोरी के कारण निवेशकों की नजर आगे के कारोबार पर बनी हुई है।