राजस्थान में पंचायती राज चुनाव के पहले चरण के लिए बृहस्पतिवार को 63 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, राज्य के ग्रामीण इलाकों में मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। पहले चरण में 16 जिला परिषदों और 104 पंचायत समितियों के सदस्यों के चुनाव के लिए मतदान कराया गया। इन चुनावों में 85 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के पात्र हैं।
2,081 सीटों के लिए 6,976 उम्मीदवार मैदान में
पहले चरण में कुल 2,081 सीटों के लिए 6,976 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें जिला परिषद के 293 वार्ड और पंचायत समिति के 1,788 वार्ड शामिल हैं। जिला परिषद की 293 सीटों के लिए 1,693 उम्मीदवार, जबकि पंचायत समिति की 1,788 सीटों के लिए 5,283 उम्मीदवार मैदान में हैं।
राज्य में कुल 41 जिला परिषदों और 457 पंचायत समितियों के चुनाव तीन चरणों में कराए जा रहे हैं। इसके अलावा, 14,403 ग्राम पंचायतों में पंच और सरपंच के चुनाव भी होने हैं।
85 लाख से अधिक मतदाता मतदान के पात्र
पहले चरण में कुल 85,07,306 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के पात्र हैं। इन चुनावों में अजमेर, अलवर, बाड़मेर, भीलवाड़ा, बीकानेर, डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़, जोधपुर, कोटा, नागौर, पाली, फलोदी, राजसमंद, सिरोही और उदयपुर जिलों में मतदान कराया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में मतदान को लेकर मतदाताओं में उत्साह देखने को मिला। मतदान केंद्रों पर लोगों की कतारें लगी रहीं और चुनाव प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
भीलवाड़ा में जिला परिषद के सबसे अधिक वार्ड
जिला परिषद की सीटों के लिहाज से भीलवाड़ा में सबसे अधिक 28 वार्ड हैं। इसके बाद उदयपुर में 25, बाड़मेर में 24 और जयपुर में 22 वार्ड हैं।
उम्मीदवारों की संख्या के मामले में जयपुर जिला परिषद की सीटों पर सबसे आगे है। यहां 154 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, बीकानेर में 138 तथा अलवर और जोधपुर में 133-133 उम्मीदवार मैदान में हैं।
पंचायत समिति चुनाव में नागौर में सबसे अधिक उम्मीदवार
पंचायत समिति चुनावों में नागौर जिले में सबसे अधिक 470 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। इसके बाद बाड़मेर में 467 और भीलवाड़ा में 466 उम्मीदवार मैदान में हैं। इन चुनावों के जरिए ग्रामीण स्थानीय निकायों में प्रतिनिधियों का चयन किया जाएगा।
कब होगा दूसरे और तीसरे चरण का मतदान?
राजस्थान में पंचायती राज चुनाव के दूसरे चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के लिए 28 अक्टूबर को मतदान होगा। वहीं, तीसरे चरण का मतदान 3 नवंबर को कराया जाएगा।
तीसरे चरण के तहत पंच और सरपंच के चुनाव 5 नवंबर को होंगे। इसके बाद 6 नवंबर को उपसरपंचों के लिए अप्रत्यक्ष चुनाव कराया जाएगा। इस तरह राज्य में पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों के चयन की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी।







