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डेटा लीक के दावों पर SBI की सफाई, 3,897 ग्राहकों के खाते सुरक्षित

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admin
23 अक्टूबर 2026 | 04:09 pm IST
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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने साइबर सुरक्षा से जुड़ी घटना के बाद प्रभावित ग्राहकों को ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए अलग-अलग सूचित किया है। बैंक के अनुसार, इस घटना में 3,897 ग्राहकों के रिकॉर्ड ऑनलाइन उजागर होने की बात सामने आई है। हालांकि, SBI ने स्पष्ट किया है कि ग्राहकों के बैंक खातों में जमा राशि सुरक्षित है और बैंक की प्रमुख सेवाओं पर इस घटना का कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है।

SBI ने ग्राहकों को किया सतर्क

SBI ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि साइबर घटना में जिन ग्राहकों का डेटा शामिल पाया गया, उन्हें ईमेल और/या व्हाट्सएप के माध्यम से सूचना दे दी गई है।

बैंक ने ग्राहकों को सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग तरीकों का पालन करने और ऑनलाइन लेनदेन करते समय सतर्क रहने की सलाह दी है। SBI ने यह भी कहा कि ग्राहक अपना वन-टाइम पासवर्ड (OTP), पिन (PIN) या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। इसके अलावा, संदिग्ध कॉल, संदेशों और ईमेल से सावधान रहने की अपील की गई है।

करीब 3,900 ग्राहकों का डेटा उजागर होने का दावा

SBI के अनुसार, साइबर सुरक्षा से जुड़ी इस घटना में 3,897 ग्राहकों के रिकॉर्ड प्रभावित हुए। रिपोर्ट के मुताबिक, उजागर हुए डेटा में नाम, ईमेल पते, फोन नंबर और ऋण से संबंधित जानकारी जैसी व्यक्तिगत जानकारियां शामिल थीं।

‘Siriusim’ नाम के एक हैकर समूह ने दावा किया कि उसने SBI के सिस्टम में सेंध लगाई और डेटा को डार्क वेब पर बिक्री के लिए उपलब्ध कराया। हालांकि, बैंक ने इस घटना के पीछे किसी विशेष हैकर समूह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

16 अक्टूबर को मिला था डेटा एक्सपोजर का अलर्ट

बैंक को 16 अक्टूबर को अपने थ्रेट इंटेलिजेंस सेवा प्रदाता, डिफेंस साइबर एजेंसी और भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (CERT-In) से संभावित डेटा एक्सपोजर के बारे में अलर्ट मिले थे।

इसके बाद बैंक ने मामले की जांच शुरू की। SBI ने अपने पहले के बयान में कहा था कि इस घटना से उसके आईटी सिस्टम, प्रमुख बैंकिंग गतिविधियों, वित्तीय प्रदर्शन या सेवाओं की निरंतरता पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है।

डार्क वेब पर डेटा बिक्री के दावे की जांच

रिपोर्ट के अनुसार, हैकर समूह ने शुरुआत में दावा किया था कि उसके पास CSV फॉर्मेट में लगभग 3.75 लाख डेटा रो और 2,722 PDF फाइलें हैं। समूह ने इन फाइलों में संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारी होने का भी दावा किया था।

हालांकि, हैकर समूह के दावों और कथित डेटा की पूरी प्रकृति की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। SBI ने कहा है कि घटना की विस्तृत जांच की जा रही है।

ग्राहकों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

SBI ने ग्राहकों से डिजिटल बैंकिंग के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। ग्राहकों को इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:

अपना OTP, PIN और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।

संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।

बैंक के नाम से आने वाले संदिग्ध कॉल, ईमेल और व्हाट्सएप संदेशों से सावधान रहें।

किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंकिंग संबंधी जानकारी या गोपनीय विवरण साझा न करें।

खाते में किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत बैंक से संपर्क करें।

बैंक ने दोहराया है कि ग्राहकों की वित्तीय संपत्ति और डेटा की सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है। फिलहाल, घटना की जांच जारी है और ग्राहकों को साइबर सुरक्षा संबंधी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।