घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार को भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती बढ़त के बाद सेंसेक्स और निफ्टी ने अपनी तेजी गंवा दी और दोपहर के कारोबार में एक प्रतिशत से अधिक तक फिसल गए। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से बाजार की धारणा प्रभावित हुई।
बीएसई सेंसेक्स 730.30 अंक यानी 1 प्रतिशत गिरकर 72,519.09 पर आ गया। वहीं, एनएसई निफ्टी 260.75 अंक यानी 1.15 प्रतिशत टूटकर 22,426.90 पर पहुंच गया।
टाटा स्टील के शेयर में 5% से ज्यादा की गिरावट
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में टाटा स्टील का शेयर पांच प्रतिशत से अधिक टूटकर सबसे ज्यादा नुकसान में रहा। इसके अलावा अदाणी पोर्ट्स, टाइटन, ट्रेंट, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL), एनटीपीसी, इंडिगो, हिंदुस्तान यूनिलीवर, बजाज फिनसर्व और बजाज फाइनेंस के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई।
हालांकि, बाजार में कुछ शेयरों ने मजबूती दिखाई। इटर्नल, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), इन्फोसिस, लार्सन एंड टुब्रो (L&T) और एचडीएफसी बैंक के शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए।
पश्चिम एशिया में तनाव से कच्चे तेल में उछाल
पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव करीब एक प्रतिशत बढ़कर 114 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से भारत जैसे तेल आयातक देश की अर्थव्यवस्था और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है। इसी वजह से तेल की कीमतों में तेजी को शेयर बाजार के लिए नकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार
एशियाई शेयर बाजार शुरुआती गिरावट से उबरकर ज्यादातर बढ़त के साथ बंद हुए। चीन का एसएसई कम्पोजिट, हांगकांग का हैंगसेंग और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी बढ़त के साथ बंद हुए। हालांकि, जापान का निक्की 225 गिरावट में रहा।
दूसरी ओर, यूरोपीय बाजारों में दोपहर के कारोबार के दौरान कमजोरी देखने को मिली। अमेरिकी शेयर बाजार भी बृहस्पतिवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बढ़ा दबाव
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बृहस्पतिवार को शुद्ध रूप से 3,458.70 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 2,891.32 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार पर दबाव बढ़ा, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी ने कुछ हद तक समर्थन दिया।
पिछले कारोबारी सत्र में भी बाजार रहा कमजोर
इससे पहले बृहस्पतिवार को भी घरेलू शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ था। उस दिन बीएसई सेंसेक्स 460.30 अंक टूटा था, जबकि एनएसई निफ्टी में 123.70 अंक की गिरावट दर्ज की गई थी।
पश्चिम एशिया के हालात, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर आगे भी बाजार की नजर बनी रह सकती है।







