पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर सोमवार को घरेलू शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों गिरावट के साथ खुले। बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख और विदेशी पूंजी की निकासी से भी निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।
शुरुआती कारोबार में Sensex-Nifty फिसले
बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 226.60 अंक गिरकर 77,028.56 अंक पर पहुंच गया। वहीं, एनएसई निफ्टी 120.40 अंक की गिरावट के साथ 24,053.55 अंक पर कारोबार करता नजर आया।
इन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट
सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में इन्फोसिस, टाटा स्टील, इंटरग्लोब एविएशन, बजाज फाइनेंस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और टाइटन के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई।
हालांकि, एचडीएफसी बैंक का शेयर दो प्रतिशत से अधिक चढ़ा। इसके अलावा कोटक महिंद्रा बैंक और भारती एयरटेल के शेयर भी बढ़त में कारोबार कर रहे थे।
एशियाई बाजारों में भी दबाव
वैश्विक स्तर पर कमजोर संकेतों का असर एशियाई बाजारों पर भी दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की 225, चीन का SSE कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग गिरावट में कारोबार कर रहे थे।
इससे पहले शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए थे।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बीच कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेजी आई है। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड का वायदा भाव 2.33 प्रतिशत बढ़कर 90.19 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए चिंता बढ़ा सकती है, क्योंकि इससे आयात लागत और महंगाई पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने शुक्रवार को 5,039.80 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की।
हालांकि, इससे पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 330.92 अंक और निफ्टी 84.80 अंक की बढ़त के साथ बंद हुए थे। सोमवार के शुरुआती कारोबार में वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव बाजार पर हावी नजर आया।







