National Thoughts Logo
National Thoughts
AWebPortalOfPositiveJournalism

आज की कहानी : बसंत पंचमी श्री सरस्वत्यै नमो नमः

a
admin
23 जनवरी 2026 को 07:56 am बजे
Featured Image

ऐसा कहा जाता है कि भगवान ब्रह्मा ने इसी दिन पूरे ब्रह्मांड का निर्माण किया था। सृष्टि की रचना करके जब उन्होंने संसार में देखा तो उन्हें चारों ओर सुनसान- शांति ही नजर आई। यह सब देखने के बाद ब्रह्मा जी संतुष्ट नहीं थे तब ब्रह्मा जी ने भगवान विष्णु जी से अनुमति लेकर अपने कमंडल से पृथ्वी पर जल छिड़का। जल छिड़कने के बाद एक देवी प्रकट हुई। देवी के हाथ में वीणा थी। भगवान ब्रह्मा ने उनसे कुछ बजाने का अनुरोध किया ताकि पृथ्वी पर सब कुछ शांत न हो। परिणामस्वरूप, देवी ने कुछ संगीत बजाना शुरू कर दिया। तभी से उस देवी को वाणी और ज्ञान की देवी सरस्वती के नाम से जाना जाने लगा। उन्हें वीणा वादिनी के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि देवी सरस्वती ने वाणी, बुद्धि, बल और तेज प्रदान किया।

“माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि” को “मां सरस्वती” को समर्पित “बसंतपंचमी” का पर्व मनाया जाता है. इस दिन मां सरस्वती या शारदे की पूजा अर्चना करने का विधान है. मान्यता है कि बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती के “प्राकट्य दिवस” के रूप में मनाया जाता है. मां सरस्वती को ज्ञान की देवी भी कहा जाता है. इस दिन उन्हें उनकी पसंदीदा चीजें अर्पित की जाती हैं…

यह दिन विद्यार्थियों और संगीत प्रेमियों के लिए बेहद खास होता है. इस पूजा के बाद मां को पीले रंग की चीजें अर्पित की जाती हैं. यहां तक कि भक्त भी इस दिन पीले रंग के वस्त्र ही धारण करें. आइए जानते हैं कि इस दिन पीले रंग का विशेष महत्व क्यों है?

पीला रंग होता है शुभ…!!

ज्योतिषियों का कहना है कि इस दिन पीला रंग पहनना शुभ माना जाता है. ये रंग सादगी और सात्विकता का रंग है. मां को पीला रंग अधिक प्रिय है. इस मौसम में ठंड कम होने लगती हैं. पेड़ों पर नई पत्तियां होती हैं और खेतों में पीली सरसों की फसल लहराने लगती है. चारों तरफा पीला-पीला सा सुहावना वातावरण बना दिखाई देता है. और इसी माह में मां सरस्वती का जन्म हुआ था. ऐसे में प्रकृति के इस विशेष रंग की चीजें मां अर्पित की जाती हैं.

पीला रंग है ज्ञान का प्रतीक…!!

मान्यता है कि पीला रंग समृद्धि, एनर्जी, प्रकाश और आशीर्वाद का प्रतीक है. पीला रंग ब्रेन को एक्टिव करता है और आपके उत्साह को बढ़ाता है. साथ ही, दिमाग की नकारात्मकता को दूर करता है. इसलिए बसंत पंचमी के दिन पीले रंग की चीजों को मां सरस्वती को अर्पित किया जाता है. साथ ही, प्रकृति के प्रति भी सम्मान और आभार प्रकट किया जाता है.

बसंतपंचमी के दिन यूं करें पूजा…!!

बसंत पंचमी के दिन सुबह स्नान करने के बाद पीले रंग के वस्त्र धारण करें. मन में माता की पूजन या व्रत का संकल्प लें. इसके बाद एक चौकी पर पीले रंग का कपड़ा बिछाकर मां सरस्वती की प्रतिमा या मूर्ति रखें. इसके बाद पीले वस्त्र, पीला चंदन, हल्दी, केसर, हल्दी से रंगे पीले अक्षत, पीले पुष्प मां को अर्पित करें. इस दिन मां शरदे को पीले रंग के मीठे चावल का भोग लगाएं. विद्यार्थी इस दिन पूजा के समय अपनी किताबों को मां के सामने रखें और उनकी पूजा करें. वहीं, अगर आप संगीत के क्षेत्र से जुड़े हैं तो वाद्य यंत्र माता की पूजा के समक्ष सामने रखें. इसके बाद मां की आरती और वंदना करके आशीर्वाद प्राप्त करें.