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PoK हालात पर PM मोदी की हाईलेवल CCS बैठक, शाह-डोभाल मौजूद

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admin
31 जुलाई 2026 को 07:01 am बजे
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भारत की सुरक्षा और वैश्विक हालात की समीक्षा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक में ऊर्जा सुरक्षा, उर्वरकों की उपलब्धता और आपूर्ति श्रृंखला को लेकर कई अहम फैसलों पर चर्चा हुई। बैठक में सरकार ने भरोसा दिलाया कि देश में ईंधन और आवश्यक संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।

कैबिनेट सचिव ने पेश की भू-राजनीतिक स्थिति की रिपोर्ट

बैठक में कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन ने मौजूदा वैश्विक और क्षेत्रीय हालात पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों, एलएनजी, एलपीजी और उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पहले से कई एहतियाती कदम उठाए हैं।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि एलपीजी आयात के स्रोतों में विविधता लाई गई है, जिससे किसी एक देश या क्षेत्र पर निर्भरता कम हुई है। साथ ही देश में पेट्रोलियम उत्पादों का भंडार और आपूर्ति की स्थिति पूरी तरह संतोषजनक बनी हुई है।

पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति पर संकट नहीं

बैठक में सरकार ने स्पष्ट किया कि कच्चे तेल की पर्याप्त उपलब्धता के कारण सार्वजनिक क्षेत्र की रिफाइनरियां 100 प्रतिशत से अधिक क्षमता पर काम कर रही हैं। इससे पेट्रोल, डीजल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों का उत्पादन सामान्य रूप से जारी है।

सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर तनाव के बावजूद फिलहाल घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता को लेकर किसी तरह की चिंता की आवश्यकता नहीं है।

प्राकृतिक गैस के उपयोग को मिलेगा बढ़ावा

बैठक में प्राकृतिक गैस के उपयोग को बढ़ाने की दिशा में चल रहे प्रयासों की भी समीक्षा की गई। सरकार ने बताया कि—

पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शनों का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।

राष्ट्रीय गैस ग्रिड को मजबूत किया जा रहा है।

एलएनजी आयात और री-गैसीफिकेशन अवसंरचना का विस्तार जारी है।

सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और गैस पाइपलाइन परियोजनाओं को तेज़ी से मंजूरी दी जा रही है।

सरकार का लक्ष्य उद्योगों में एलपीजी के स्थान पर प्राकृतिक गैस के उपयोग को बढ़ावा देना है।

रबी सीजन से पहले उर्वरकों की उपलब्धता पर जोर

बैठक में आगामी रबी सीजन के लिए उर्वरकों की उपलब्धता पर भी विशेष चर्चा हुई। आवश्यक उर्वरकों की मांग का आकलन किया गया और वैकल्पिक आयात स्रोतों की समीक्षा की गई।

प्रधानमंत्री मोदी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों तक उर्वरकों की आपूर्ति किसी भी परिस्थिति में प्रभावित नहीं होनी चाहिए और इसके लिए सभी जरूरी कदम समय रहते उठाए जाएं।

संवेदनशील समुद्री मार्गों पर विशेष निगरानी

बैठक में वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर बढ़ते दबाव को देखते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य, ब्लैक सी, रेड सी और गल्फ ऑफ एडन जैसे अहम समुद्री मार्गों की स्थिति की समीक्षा की गई।

प्रधानमंत्री ने संबंधित मंत्रालयों को वैकल्पिक आयात व्यवस्था विकसित करने और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी वैश्विक संकट का असर भारत पर न्यूनतम पड़े।

नागरिकों की सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता सर्वोच्च प्राथमिकता

प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रियों और अधिकारियों को भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, देश के आर्थिक हितों की रक्षा और वैश्विक संकटों के बीच आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए समन्वित रणनीति पर काम करने के निर्देश दिए।

सरकार का स्पष्ट संदेश

सीसीएस की इस उच्चस्तरीय बैठक से साफ संकेत मिला कि केंद्र सरकार केवल सुरक्षा चुनौतियों पर ही नहीं, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता पर भी समान रूप से ध्यान दे रही है। सरकार का उद्देश्य है कि वैश्विक तनाव के बावजूद देश में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुचारु बनी रहे, नागरिकों के हित सुरक्षित रहें और अर्थव्यवस्था पर बाहरी संकटों का असर न्यूनतम हो।