ओडिशा में महानदी नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए राज्य सरकार ने तटीय और घनी आबादी वाले इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों के अनुसार, कटक के मुंडाली बैराज पर जलप्रवाह लगातार बढ़ रहा है, जिससे अगले 36 घंटे बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। सरकार ने संभावित बाढ़ से निपटने के लिए राहत एवं बचाव एजेंसियों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
मुंडाली बैराज पर 9 लाख क्यूसेक पानी, 5 जिलों में बाढ़ की आशंका
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि कटक के पास स्थित मुंडाली बैराज पर महानदी में करीब 9 लाख क्यूसेक पानी बह रहा है। इसके चलते खुर्दा, कटक, पुरी, जगतसिंहपुर और केंद्रपाड़ा जिलों में मध्यम बाढ़ की आशंका जताई गई है।
उन्होंने बताया कि कटक के आठगढ़ और बादंबा क्षेत्रों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है। जिला प्रशासन को लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और बचाव दलों की त्वरित तैनाती के निर्देश दिए गए हैं।
अगले 36 घंटे सबसे अहम
जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता दिलीप कुमार राउत ने कहा कि अगले 36 घंटे स्थिति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इसी दौरान महानदी का जलप्रवाह अपने चरम पर पहुंच सकता है।
उन्होंने बताया कि महानदी में 8 लाख क्यूसेक से अधिक जलप्रवाह को “मध्यम बाढ़” की श्रेणी में रखा जाता है। हालांकि, मुंडाली बैराज पहले भी 10 से 12 लाख क्यूसेक तक के जलप्रवाह को सुरक्षित तरीके से संभाल चुका है।
इन नदियों में भी बढ़ सकता है जलस्तर
अधिकारियों के अनुसार, जलप्रवाह बढ़ने से महानदी के साथ-साथ उसकी कई सहायक नदियों में भी बाढ़ की स्थिति बन सकती है। इनमें प्रमुख रूप से—
लूना
करंडिया
चित्रोत्पला
पैका
सालिया
देवी
कंदला
कुआखाई
कुशभद्रा
दया
भार्गवी
शाम तक मुंडाली बैराज पर जलप्रवाह 9 लाख क्यूसेक से अधिक पहुंचने की संभावना जताई गई है।
तटबंधों की निगरानी बढ़ाई गई
जल संसाधन विभाग ने खुर्दा, पुरी, केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर जिलों में महानदी और उसकी सहायक नदियों के तटबंधों पर विशेष निगरानी शुरू कर दी है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी प्रकार की टूट-फूट को समय रहते रोका जा सके।
राउत ने कहा कि विभाग की प्राथमिकता मानव जीवन की सुरक्षा और तटबंधों को सुरक्षित बनाए रखना है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।
बाढ़ से अब तक 3 लोगों की मौत
राजस्व मंत्री ने बताया कि बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, हालिया बाढ़ से राज्य के 30 में से 20 जिले प्रभावित हुए हैं और 7 लाख से अधिक लोग इसकी चपेट में आए हैं।
1.90 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
राज्य सरकार ने अब तक लगभग 1.90 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर 520 राहत शिविरों में ठहराया है। प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
123 बचाव टीमें तैनात
विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटी ने महानदी डेल्टा क्षेत्र के सभी जिला कलेक्टरों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित जिलों में सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं।
राज्य में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए कुल 123 टीमें तैनात की गई हैं, जिनमें—
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF)
ओडिशा आपदा त्वरित प्रतिक्रिया बल (ODRAF)
अग्निशमन सेवा की टीमें
शामिल हैं।
मुख्यमंत्री मोहन माझी की अपील
दिल्ली दौरे पर मौजूद मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सभी जिला कलेक्टरों को हाई अलर्ट पर रहने और प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि घबराने की आवश्यकता नहीं है। राज्य सरकार नागरिकों की सुरक्षा और राहत कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है तथा प्रशासन पूरी तरह स्थिति पर नजर बनाए हुए है।







