भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मंगलवार, 15 सितंबर को पश्चिम बंगाल की दो महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों—नंदीग्राम और रेजीनगर—पर होने वाले उपचुनाव के लिए अपने प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर दिया। इन दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि 9 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी।
बीजेपी ने नंदीग्राम से हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। वह BJP नेता सुवेंदु अधिकारी के दिवंगत सहयोगी और PA चंद्रनाथ रथ की मां हैं। चंद्रनाथ रथ की पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के दो दिन बाद गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
वहीं, मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर विधानसभा सीट से पार्टी ने सखाराव सरकार को मैदान में उतारा है।
कौन हैं हसीरानी रथ?
62 वर्षीय हसीरानी रथ पूर्वी मेदिनीपुर के चांदीपुर इलाके के कुलुप गांव की रहने वाली हैं। वह लंबे समय से स्थानीय राजनीति में सक्रिय रही हैं और पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधि के तौर पर भी काम कर चुकी हैं।
हसीरानी रथ ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत तृणमूल कांग्रेस (TMC) के साथ की थी। हालांकि, दिसंबर 2020 में सुवेंदु अधिकारी के TMC छोड़कर BJP में शामिल होने के बाद वह भी अपने परिवार के साथ बीजेपी में आ गईं।
रथ परिवार और अधिकारी परिवार के बीच राजनीतिक और व्यक्तिगत संबंध काफी पुराने हैं। बताया जाता है कि दोनों परिवारों का जुड़ाव दो दशक से भी अधिक समय पुराना है और रथ परिवार सुवेंदु अधिकारी के राजनीतिक सफर के शुरुआती दौर से ही उनके साथ रहा है।
हसीरानी रथ के पति का निधन 2024 में हुआ था। उन्होंने कुछ समय पहले बताया था कि वह 1998 से राजनीति में सक्रिय हैं।
पंचायत स्तर पर भी निभा चुकी हैं जिम्मेदारी
हसीरानी रथ ने 2013 से 2018 तक चांदीपुर पंचायत समिति में बाल एवं महिला विकास विभाग की कर्माध्यक्ष के तौर पर जिम्मेदारी संभाली थी।
TMC से राजनीतिक शुरुआत करने के बाद सुवेंदु अधिकारी के साथ उनके करीबी संबंधों के चलते वह BJP में सक्रिय हुईं। अब नंदीग्राम जैसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र से उन्हें उम्मीदवार बनाए जाने को पार्टी की रणनीति और भावनात्मक जुड़ाव, दोनों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
नंदीग्राम में पांच उम्मीदवारों के बीच मुकाबला
नंदीग्राम उपचुनाव में हसीरानी रथ का मुकाबला ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC गुट की संचिता प्रधान (डे) से होगा।
वहीं, रीताब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी TMC गुट ने मोहम्मद एतेशामुल हक को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस ने मिलन प्रधान, जबकि कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI) ने शांति गोपाल गिरी को मैदान में उतारा है।
नंदीग्राम पश्चिम बंगाल की बेहद महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों में से एक है। यह क्षेत्र जमीन अधिग्रहण विरोधी आंदोलन का प्रमुख केंद्र रहा था, जिसने 2011 में TMC के सत्ता में आने की राह मजबूत की थी। इसके बाद नंदीग्राम सुवेंदु अधिकारी और ममता बनर्जी के बीच कड़े राजनीतिक मुकाबले के लिए भी चर्चा में रहा।
सुवेंदु अधिकारी का नंदीग्राम से रहा है खास कनेक्शन
सुवेंदु अधिकारी ने 2016 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर, दोनों सीटों से चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी। बाद में उन्होंने नंदीग्राम सीट छोड़ दी, जिसके चलते यहां उपचुनाव की स्थिति बनी।
ऐसे में इस बार BJP द्वारा चंद्रनाथ रथ की मां हसीरानी रथ को टिकट दिया जाना नंदीग्राम की राजनीति में खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रेजीनगर में भी दिलचस्प मुकाबला
मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर सीट पर भी कई दलों के बीच मुकाबला देखने को मिलेगा। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC गुट ने पूर्व विधायक रबीउल आलम चौधरी को उम्मीदवार बनाया है।
वहीं, रीताब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी TMC गुट ने सफीउद्दीन शेख (सफीउज़्ज़मान शेख) को मैदान में उतारा है।
रेजीनगर के मौजूदा विधायक और आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के संस्थापक हुमायूँ कबीर ने अपने बेटे गुलाम नबी आजाद (रॉबिन) को चुनाव लड़ाने का फैसला किया है। कांग्रेस ने मो. अब्दुल्लाहिल काफ़ी को उम्मीदवार बनाया है, जबकि CPI(M) के नेतृत्व वाले लेफ्ट फ्रंट ने सैयद असद अली को मैदान में उतारा है।
क्यों खाली हुई रेजीनगर सीट?
हुमायूँ कबीर ने रेजीनगर के साथ-साथ नौदा विधानसभा सीट से भी चुनाव जीता था। बाद में रेजीनगर सीट छोड़ने के कारण यह सीट खाली हो गई और यहां उपचुनाव की जरूरत पड़ी।
अब दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होगा और 9 अक्टूबर को वोटों की गिनती की जाएगी। नंदीग्राम और रेजीनगर के नतीजे पश्चिम बंगाल की बदलती राजनीतिक तस्वीर के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।







