कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार सोमवार को नई दिल्ली दौरे पर रहेंगे, जहां वह कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। इस बैठक को राज्य में लंबे समय से लंबित कैबिनेट विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि बैठक के बाद मंत्रिमंडल विस्तार पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
दिल्ली में होगी कांग्रेस नेतृत्व के साथ अहम बैठक
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के साथ पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद भी दिल्ली पहुंचेंगे। सूत्रों के मुताबिक, यह महत्वपूर्ण बैठक सोमवार शाम करीब 6 बजे कांग्रेस मुख्यालय या किसी वरिष्ठ नेता के आवास पर हो सकती है।
बैठक में कैबिनेट विस्तार, मंत्रियों के चयन और राज्य के राजनीतिक समीकरणों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।
दो-तीन दिनों में हो सकता है अंतिम फैसला
कांग्रेस एमएलसी कशप्पनवर विजयानंद शिवशंकरप्पा का कहना है कि कैबिनेट विस्तार पर अंतिम फैसला अगले दो-तीन दिनों में लिया जा सकता है।
वहीं, विधायक अशोक पट्टन ने दावा किया है कि यदि सब कुछ तय रहा तो नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह बुधवार को आयोजित किया जा सकता है।
पिछली बैठक में नहीं हो सकी थी चर्चा
पिछले सप्ताह भी डीके शिवकुमार, सिद्धारमैया और बीके हरिप्रसाद दिल्ली पहुंचे थे। हालांकि, उस समय कैबिनेट विस्तार पर चर्चा नहीं हो सकी थी।
बताया गया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी उस दौरान NEET पेपर लीक मामले को लेकर प्रधानमंत्री आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन में व्यस्त थे। हालांकि, कैबिनेट विस्तार को लेकर कांग्रेस नेतृत्व के साथ प्रारंभिक बातचीत पहले ही हो चुकी थी।
शिवकुमार सरकार में अभी कई पद खाली
28 मई को सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद 3 जून को डीके शिवकुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके साथ 13 मंत्रियों ने भी शपथ ग्रहण की थी।
कर्नाटक में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 34 मंत्री बनाए जा सकते हैं। ऐसे में अभी कई मंत्री पद खाली हैं, जिन्हें भरने की तैयारी चल रही है।
कई नेताओं ने जताई मंत्री बनने की इच्छा
कैबिनेट विस्तार से पहले कई कांग्रेस नेताओं ने मंत्री बनने की इच्छा खुलकर जाहिर की है। एमएलसी शिवशंकरप्पा ने कहा कि पार्टी नेतृत्व को उन नेताओं को प्राथमिकता देनी चाहिए जिन्होंने लंबे समय तक संगठन के लिए काम किया है।
उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस परिवार की तीसरी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं और उम्मीद करते हैं कि कैबिनेट विस्तार में उनके नाम पर भी विचार किया जाएगा।
शिवकुमार के सामने संतुलन की चुनौती
यह कैबिनेट विस्तार मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के लिए राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। उन्हें अपने समर्थकों और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खेमे के नेताओं के बीच संतुलन बनाना होगा, ताकि 2028 के विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी में एकजुटता बनी रहे।
क्या कर्नाटक को मिलेंगे नए उपमुख्यमंत्री?
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि कांग्रेस नेतृत्व राज्य में एक से अधिक उपमुख्यमंत्री नियुक्त करने पर विचार कर सकता है।
हालांकि, रिपोर्ट्स के अनुसार डीके शिवकुमार केवल दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाने के पक्ष में हैं। अब सबकी नजर कांग्रेस आलाकमान के फैसले पर है कि वह दोनों गुटों के बीच किस तरह संतुलन स्थापित करता है।
2028 विधानसभा चुनाव पर भी नजर
कांग्रेस नेतृत्व कैबिनेट विस्तार को केवल मंत्रिमंडल गठन तक सीमित नहीं रखना चाहता, बल्कि इसे 2028 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। ऐसे में नए मंत्रियों के चयन में क्षेत्रीय, सामाजिक और राजनीतिक संतुलन को प्राथमिकता दी जा सकती है।






