पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में हुए छात्र आंदोलनों के बाद भले ही विरोध-प्रदर्शन शांत हो गए हों, लेकिन उससे जुड़े राजनीतिक और कानूनी विवाद अभी भी जारी हैं। बिहार के सिवान में प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर AK-47 से फायरिंग के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के एक जवान को निलंबित कर दिया गया है।
आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान हुई फायरिंग में तीन छात्र घायल हुए थे। इस घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई और भीड़ नियंत्रण के तरीके को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
SIT जवान अभिषेक पटेल निलंबित
निलंबित किए गए जवान की पहचान अभिषेक पटेल के रूप में हुई है, जो स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) में तैनात थे।
मिली जानकारी के अनुसार, सिवान में विरोध-प्रदर्शन के दौरान उन पर प्रदर्शनकारियों की ओर AK-47 राइफल से फायरिंग करने का आरोप है। इस घटना में तीन छात्रों को गोली लगी, जिनका इलाज फिलहाल पटना के एक अस्पताल में चल रहा है।
फायरिंग की घटना के बाद यह पहली बड़ी विभागीय कार्रवाई मानी जा रही है।
हिंसा मामले में तीन FIR दर्ज
सिवान हिंसा की जांच तेज करते हुए पुलिस ने तीन अलग-अलग FIR दर्ज की हैं।
अधिकारियों के अनुसार, इन मामलों में करीब 100 नामजद लोगों को आरोपी बनाया गया है, जबकि 200 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस का कहना है कि हिंसा में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों की मेडिकल जांच
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए करीब 25 आरोपियों की जेल भेजने से पहले सिवान सदर अस्पताल में मेडिकल जांच कराई गई।
जांच एजेंसियां घटनास्थल के वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही हैं।
तेजस्वी यादव ने सरकार को दिया अल्टीमेटम
सिवान हिंसा को लेकर बिहार की राजनीति भी गरमा गई है।
विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर छात्रों और विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई का आरोप लगाते हुए सरकार को अल्टीमेटम दिया है।
उन्होंने मांग की कि गिरफ्तार छात्रों और तेज प्रताप यादव को तत्काल रिहा किया जाए तथा उनके खिलाफ दर्ज सभी मामले वापस लिए जाएं।
‘मामले वापस नहीं हुए तो होगा राज्यव्यापी आंदोलन’
तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्ष सरकार से कोई अनुरोध नहीं कर रहा, बल्कि स्पष्ट चेतावनी दे रहा है।
उनका आरोप है कि विपक्षी विधायकों, कार्यकर्ताओं और नेताओं को हिरासत में लिया जा रहा है, जबकि बड़ी संख्या में छात्रों के खिलाफ FIR दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया है।
उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित समय के भीतर छात्रों और अन्य गिरफ्तार लोगों को रिहा नहीं किया गया और मामले वापस नहीं लिए गए, तो विपक्ष पूरे बिहार में राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेगा।
मामले पर बढ़ी राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल
AK-47 फायरिंग के आरोप, SIT जवान के निलंबन और विपक्ष के आक्रामक रुख के बाद बिहार का यह मामला अब राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है। एक ओर पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठा रहा है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और सरकार के अगले कदम पर सभी की नजर रहेगी।







