बिहार और दिल्ली में छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ AK-47 राइफल का इस्तेमाल किया गया, जबकि दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन चलाई गई। राहुल गांधी ने इसे छात्रों और युवाओं के साथ “बर्बरता” करार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी मांगने की मांग की।
राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले युवाओं के खिलाफ बल प्रयोग करने के बजाय इस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
राहुल गांधी ने लगाए गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने दावा किया कि बिहार में विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर AK-47 से गोलियां चलाई गईं, जबकि दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे युवाओं को पैलेट गन का सामना करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाने वाले छात्रों के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है और सरकार को इस पूरे मामले पर जवाब देना चाहिए।
प्रधानमंत्री से माफी की मांग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को देश के छात्रों और युवाओं से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पुलिस कार्रवाई की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने के बजाय उन अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, जिनकी भूमिका इस पूरे घटनाक्रम में रही है।
सिवान में वायरल वीडियो के बाद सिपाही निलंबित
यह विवाद 25 जुलाई को बिहार के सिवान जिले में आयोजित ‘बिहार बंद’ के दौरान सामने आया।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक पुलिस कांस्टेबल कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों की ओर AK-47 राइफल ताने हुए दिखाई दिया। वीडियो सामने आने के बाद बिहार पुलिस मुख्यालय ने मामले का संज्ञान लिया।
विभागीय जांच के दिए गए आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित पुलिसकर्मी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
बिहार पुलिस ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है, लेकिन यदि किसी स्तर पर निर्धारित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का उल्लंघन हुआ है तो उसकी विभागीय जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रदर्शन के दौरान कई लोग हुए घायल
‘बिहार बंद’ के दौरान पटना के गांधी मैदान की ओर मार्च कर रहे छात्रों और पुलिस के बीच कई स्थानों पर तनाव और झड़पें हुईं।
इन घटनाओं में घायल हुए तीन लोगों का इलाज पटना के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार सभी की हालत फिलहाल स्थिर है।
15 वर्षीय आरिफ की गर्दन से निकाली गई गोली
घायलों में 15 वर्षीय मोहम्मद आरिफ भी शामिल है। परिजनों के अनुसार, वह दुकान बंद कर घर लौट रहा था, तभी अफरातफरी के दौरान उसकी गर्दन में गोली लग गई।
डॉक्टरों ने सफल सर्जरी कर उसकी गर्दन से गोली निकाल दी। अस्पताल के अनुसार, फिलहाल उसकी हालत स्थिर बनी हुई है।
मामले पर बढ़ी राजनीतिक सियासत
बिहार और दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर विपक्ष सरकार पर छात्रों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप लगा रहा है, वहीं प्रशासन का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और तथ्य सामने आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।







