संसद के मानसून सत्र में NEET-UG 2026 पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में कथित खामियों और छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का मुद्दा जोर-शोर से उठाया गया। कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला ने राज्यसभा में नियम 267 के तहत नोटिस देकर सदन के सभी निर्धारित कार्य स्थगित कर इस गंभीर विषय पर तत्काल चर्चा कराने की मांग की।
नियम 267 के तहत चर्चा कराने की मांग
रणदीप सुरजेवाला ने अपने नोटिस में कहा कि शून्यकाल, प्रश्नकाल और दिन के अन्य निर्धारित कार्यों को स्थगित कर भारत की परीक्षा प्रणाली में व्याप्त संस्थागत संकट पर प्राथमिकता के आधार पर चर्चा कराई जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने से 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ, जिससे छात्रों और अभिभावकों में भारी असंतोष और अनिश्चितता का माहौल है।
65 से अधिक भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक का दावा
सुरजेवाला ने कहा कि केवल NEET ही नहीं, बल्कि देशभर में कम से कम 65 भर्ती परीक्षाओं में बार-बार प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उनके अनुसार, वैधानिक सुरक्षा उपाय होने के बावजूद परीक्षा संचालन और भर्ती प्रक्रियाओं में कई संस्थागत खामियां अब भी बनी हुई हैं, जिन्हें दूर करने के लिए व्यापक सुधार आवश्यक हैं।
CBSE की OSM प्रणाली पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि OSM प्रणाली के क्रियान्वयन में कमियों के कारण मूल्यांकन की पारदर्शिता और निष्पक्षता प्रभावित हुई है, जिससे लाखों विद्यार्थियों को शैक्षणिक, आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ा।
छात्रों की आत्महत्या और पुलिस कार्रवाई का मुद्दा
सुरजेवाला ने दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में NEET से जुड़े कम से कम 93 छात्रों की आत्महत्या की खबरें सामने आई हैं, जो परीक्षा प्रणाली में व्याप्त दबाव और अव्यवस्था की गंभीर तस्वीर पेश करती हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जवाबदेही और सुधारों की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और अभिभावकों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की गई, जो लोकतांत्रिक अधिकारों के विपरीत है।
परीक्षा प्रणाली में संस्थागत सुधार की मांग
अपने नोटिस में कांग्रेस सांसद ने कहा कि परीक्षाओं और सार्वजनिक भर्ती प्रक्रियाओं की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए तत्काल संस्थागत सुधार किए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि इन गंभीर मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा होना आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
संसद में सरकार और विपक्ष आमने-सामने
यह नोटिस ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस संसद में NEET पेपर लीक, छात्रों के आंदोलन और पुलिस कार्रवाई पर व्यापक चर्चा की मांग कर रही है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह NEET मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन कांग्रेस चाहती है कि राज्यसभा में यह चर्चा नियम 267 और लोकसभा में नियम 56 के तहत कराई जाए।
मानसून सत्र में लगातार जारी गतिरोध
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ, लेकिन विपक्ष के लगातार हंगामे के कारण शुरुआती तीन दिनों तक लोकसभा और राज्यसभा में कोई महत्वपूर्ण कामकाज नहीं हो सका। ऐसे में NEET पेपर लीक का मुद्दा मानसून सत्र के प्रमुख राजनीतिक मुद्दों में शामिल हो गया है।







