राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार ने बुधवार को संसद परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान बारामती से सांसद और पार्टी की वरिष्ठ नेता सुप्रिया सुले भी मौजूद रहीं। इस मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है, क्योंकि यह बैठक ऐसे समय हुई है जब NEET-UG पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है।
एक दिन पहले जंतर-मंतर पहुंचे थे पवार और सुले
मंगलवार को शरद पवार और सुप्रिया सुले दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे थे, जहां ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेतृत्व में NEET-UG पेपर लीक के विरोध में आंदोलन जारी है। दोनों नेताओं ने प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात की और उनकी मांगों का समर्थन किया।
NCP (SCP) ने भी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग का समर्थन करते हुए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सरकार से छात्रों की मांगों पर कार्रवाई की अपील
शरद पवार ने केंद्र सरकार से प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने का अधिकार देता है और सरकार तथा प्रशासन जनता के प्रति जवाबदेह हैं।
उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और नागरिकों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं को समझते हुए उचित और सकारात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।
NDA में शामिल होने की अटकलों पर सुप्रिया सुले का जवाब
इस बीच, हाल के दिनों में NCP (SCP) के NDA में शामिल होने या किसी अन्य दल के साथ विलय की अटकलें भी तेज हुई थीं। हालांकि, पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने इन सभी चर्चाओं को सिरे से खारिज कर दिया।
मुंबई में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि न तो उन्हें, न शरद पवार, न जयंत पाटिल, न अनिल देशमुख और न ही पार्टी के किसी अन्य वरिष्ठ नेता को किसी भी राजनीतिक दल की ओर से गठबंधन या विलय का कोई प्रस्ताव मिला है।
‘किसी पार्टी ने नहीं दिया कोई प्रस्ताव’
सुप्रिया सुले ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “न भाजपा, न कांग्रेस और न ही NDA के किसी सहयोगी दल की ओर से हमें किसी प्रकार का कोई प्रस्ताव मिला है। इसलिए इस तरह की सभी अटकलों में कोई सच्चाई नहीं है।”
मुलाकात से बढ़ीं राजनीतिक चर्चाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शरद पवार की मुलाकात ऐसे समय हुई है जब NEET विवाद, विपक्ष के आंदोलन और संसद में जारी राजनीतिक टकराव सुर्खियों में हैं। हालांकि, बैठक के एजेंडे को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन इस मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जरूर हवा दे दी है।







