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NEET विवाद: मेदांता अस्पताल में सोनम वांगचुक से मिले जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह

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admin
22 जुलाई 2026 को 04:45 am बजे
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और कथित NEET पेपर लीक मामले को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच मंगलवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल पहुंचे और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का हालचाल जाना।

यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेतृत्व में चल रहा आंदोलन 32वें दिन में प्रवेश कर चुका है। प्रदर्शनकारी कथित NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

सरकार से बातचीत से CJP ने किया इनकार

इस बीच CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सरकार के साथ किसी भी प्रकार की बातचीत से इनकार कर दिया है। सोमवार देर रात जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यदि सरकार बातचीत करना चाहती है तो उसे स्वयं प्रदर्शन स्थल पर आना होगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन अपनी मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा और प्रदर्शनकारी पीछे हटने वाले नहीं हैं।

हाई कोर्ट के आदेश पर मेदांता अस्पताल पहुंचे सोनम वांगचुक

28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को मंगलवार शाम दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद सफदरजंग अस्पताल से छुट्टी देकर गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया।

वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कड़ी सुरक्षा के बीच शाम करीब 7:30 बजे एंबुलेंस से उन्हें मेदांता अस्पताल लाया गया।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, उन्हें इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. सुशीला कटारिया की निगरानी में ICU-8 में भर्ती किया गया है।

अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद जारी है अनशन

मेदांता अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद भी सोनम वांगचुक ने अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त नहीं किया। उनका कहना है कि जब तक छात्रों की मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

इधर, हजारों छात्र और समर्थक फिर से जंतर-मंतर पहुंच गए हैं और आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहरा रहे हैं।

‘संसद चलो’ मार्च के बाद जंतर-मंतर पर फिर जुटे हजारों प्रदर्शनकारी

सोमवार को ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प के बाद मंगलवार को एक बार फिर जंतर-मंतर पर पांच हजार से अधिक लोग एकत्र हुए।

CJP के आयोजकों ने घोषणा की कि विरोध प्रदर्शन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा। हालांकि, फिलहाल संसद की ओर मार्च का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है। उनका आरोप है कि सोमवार के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग किया।

20 जून से जारी है आंदोलन

कथित परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में शुरू हुआ यह आंदोलन 20 जून से जंतर-मंतर पर जारी है। आंदोलन को उस समय और गति मिली, जब सोनम वांगचुक और वामपंथी छात्र संगठन AISA से जुड़े छात्र भी भूख हड़ताल में शामिल हो गए।

प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।

संसद से सड़क तक गरमाया NEET विवाद

कथित NEET पेपर लीक का मुद्दा अब संसद से लेकर सड़कों तक प्रमुख राजनीतिक बहस का विषय बन चुका है। विपक्षी दल लगातार सरकार पर निशाना साध रहे हैं और संसद में इस मामले पर विस्तृत चर्चा के साथ जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।

वहीं सरकार का कहना है कि वह संसद के दोनों सदनों में इस विषय पर चर्चा के लिए तैयार है और मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। सरकार ने विपक्ष पर इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने और छात्रों को गुमराह करने का आरोप भी लगाया है।

छात्रों के भविष्य को लेकर बढ़ी चिंता

NEET विवाद ने देशभर के लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार जारी विरोध-प्रदर्शनों और राजनीतिक बयानबाजी के बीच सभी की नजरें अब सरकार के अगले कदम और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।