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NEET विवाद: नवीन पटनायक ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, पुलिस कार्रवाई की निंदा

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admin
22 जुलाई 2026 को 05:50 am बजे
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कथित NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के आंदोलन ने अब बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की है। साथ ही उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की कड़े शब्दों में आलोचना की।

बीजू जनता दल (BJD) प्रमुख नवीन पटनायक ने दिल्ली में पार्टी सांसदों के साथ उच्चस्तरीय बैठक के बाद यह बयान दिया।

‘मौजूदा हालात में शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए’

मीडिया से बातचीत में नवीन पटनायक ने कहा कि उन्होंने दिल्ली में चल रहे घटनाक्रम पर BJD सांसदों के साथ विस्तृत चर्चा की है। उनके अनुसार, हालात बेहद गंभीर हैं और कई छात्र आंदोलन के दौरान घायल हुए हैं।

उन्होंने कहा, “हमारे सांसद अस्पताल जाकर घायल छात्रों से मिले हैं। यदि मौजूदा परिस्थितियों को देखा जाए तो मुझे लगता है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा दे देना चाहिए। इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए जवाबदेही तय होना आवश्यक है।”

‘संसद चलो’ मार्च के बाद बढ़ा विवाद

यह बयान ऐसे समय आया है जब सोमवार को CJP द्वारा आयोजित संसद चलो’ मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी। इसके बाद राजधानी में तनाव का माहौल बन गया।

घटना के बाद BJD के राज्यसभा सांसदों ने राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल पहुंचकर घायल प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना।

दिल्ली पुलिस का दावा- 118 पुलिसकर्मी भी घायल

दिल्ली पुलिस के अनुसार, झड़पों में 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जबकि 60 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों के घायल होने की जानकारी भी सामने आई है।

पुलिस ने कथित हिंसा, पथराव और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में पांच FIR दर्ज की हैं। साथ ही घटनास्थल के 250 से अधिक वीडियो की जांच कर आरोपियों की पहचान की जा रही है।

विपक्ष ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

विपक्षी दलों ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की तीखी आलोचना की है। विपक्ष का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और आंसू गैस के गोले छोड़े गए, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है।

जंतर-मंतर पहुंचे शरद पवार और सुप्रिया सुले

मंगलवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार और सांसद सुप्रिया सुले भी जंतर-मंतर पहुंचे। उन्होंने आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात की और उनकी मांगों का समर्थन किया।

NCP (SCP) ने भी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग का समर्थन किया।

शरद पवार बोले- छात्रों के साथ हुआ व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ

शरद पवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक के बाद छात्र जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं।

उन्होंने लिखा, “अपनी जायज मांगों के लिए संघर्ष कर रहे छात्रों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। मैंने जंतर-मंतर पहुंचकर छात्रों से मुलाकात की, आंदोलन में घायल हुए लोगों का हाल जाना और उनकी मांगों को विस्तार से सुना।”

NEET विवाद बना राष्ट्रीय राजनीतिक मुद्दा

NEET-UG विवाद अब केवल परीक्षा प्रणाली तक सीमित नहीं रह गया है। यह मुद्दा छात्रों के आंदोलन, राजनीतिक दलों के आरोप-प्रत्यारोप और संसद में बढ़ते टकराव के कारण राष्ट्रीय बहस का विषय बन चुका है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।