कथित NEET पेपर लीक मामले को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी टकराव लगातार तेज होता जा रहा है। बुधवार को यह विवाद और अधिक आक्रामक रूप लेता दिखाई दिया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक आवास के बाहर किए गए प्रदर्शन के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने देशभर में कांग्रेस मुख्यालयों और पार्टी कार्यालयों के बाहर विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी शुरू कर दी है।
एक ओर विपक्ष केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग पर अड़ा है, वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि वह संसद के भीतर इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है।
कांग्रेस दफ्तरों के बाहर प्रदर्शन करेगी BJP
सूत्रों के अनुसार, BJP बुधवार को विभिन्न राज्यों में कांग्रेस मुख्यालयों और जिला कार्यालयों के बाहर विरोध प्रदर्शन कर सकती है। पार्टी का आरोप है कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास के बाहर प्रदर्शन कर सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास किया।
BJP का कहना है कि कांग्रेस राजनीतिक विरोध की ऐसी परंपरा स्थापित कर रही है, जिसमें संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं के आवासों को प्रदर्शन का केंद्र बनाया जा रहा है। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत बताया है।
NEET विवाद पर बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी
NEET पेपर लीक का मुद्दा अब राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है। कांग्रेस लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। वहीं राहुल गांधी ने अपनी मांगों का दायरा बढ़ाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की भी मांग उठाई है।
सरकार ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया है कि वह लगातार अपनी मांगें बदल रहे हैं और इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं।
धर्मेंद्र प्रधान का कांग्रेस पर पलटवार
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पहली बार इस विवाद पर खुलकर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पर छात्रों के आंदोलन का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं की जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन छात्रों के मुद्दे को राजनीति का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।
जंतर-मंतर आंदोलन को विपक्ष का बढ़ता समर्थन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन को विपक्षी दलों का लगातार समर्थन मिल रहा है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल दिन में प्रदर्शन स्थल पहुंचे, जबकि शाम को शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी आंदोलन में शामिल होकर छात्रों के समर्थन का ऐलान किया।
राहुल गांधी भी इस आंदोलन के प्रमुख राजनीतिक समर्थकों में शामिल रहे हैं। उन्होंने संसद के भीतर और बाहर लगातार NEET विवाद को उठाते हुए सरकार से जवाबदेही की मांग की है।
सरकार ने सोनम वांगचुक से की बातचीत
इस बीच केंद्र सरकार ने गतिरोध कम करने की दिशा में पहल करते हुए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह को गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल भेजा। दोनों नेताओं ने भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।
राजनीतिक हलकों में इस मुलाकात को सरकार की ओर से संवाद के जरिए समाधान तलाशने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
संसद में फिर गरमा सकता है मुद्दा
NEET पेपर लीक विवाद को लेकर संसद में एक बार फिर तीखी बहस होने की संभावना है। विपक्ष सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है, जबकि BJP कांग्रेस के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की तैयारी में जुटी है।
ऐसे में साफ है कि NEET विवाद अब केवल परीक्षा प्रणाली का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह संसद से लेकर सड़कों तक देश की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन चुका है। आने वाले दिनों में इस पर सियासी टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।







