NEET-UG पेपर लीक विवाद को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार पर देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। राहुल गांधी की यह प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री मोदी की उस घोषणा के बाद आई, जिसमें उन्होंने पेपर लीक के दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की बात कही थी।
राहुल गांधी ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को कमजोर होने दिया और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को संरक्षण दिया।
उन्होंने लिखा कि “आप ही हैं जिन्होंने हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। आपने शिक्षा व्यवस्था पर कब्जा होने दिया, उसे बर्बाद होने दिया और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को बचाया।”
राहुल गांधी ने कहा कि देश के लाखों छात्र परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता चाहते हैं, लेकिन सरकार उनकी चिंताओं को गंभीरता से नहीं ले रही है।
राहुल गांधी ने रखीं तीन प्रमुख मांगें
राहुल गांधी ने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं—
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाए।
छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी जाए।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ कथित मारपीट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
PM मोदी ने फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का किया ऐलान
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और उनके भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने घोषणा की कि पेपर लीक मामलों की त्वरित सुनवाई और दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे।
प्रधानमंत्री बोले- युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को नहीं मिलेगी राहत
प्रधानमंत्री मोदी ने X पर लिखा कि “हमारे युवाओं के कल्याण और भविष्य से बढ़कर कुछ भी नहीं है। जो लोग युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे, उन्हें किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।”
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पेपर लीक से जुड़े मामलों में सभी आवश्यक कदम तेजी से उठाए जाएं, ताकि छात्रों के हितों की पूरी तरह रक्षा की जा सके।
20 जून से जारी है छात्रों का आंदोलन
NEET पेपर लीक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में 20 जून से छात्रों का आंदोलन जारी है।
प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रणाली में सुधार, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पेपर लीक से प्रभावित छात्रों के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं।
सोनम वांगचुक ने रखी अनशन खत्म करने की शर्त
28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने बुधवार को कहा कि यदि केंद्र सरकार यह भरोसा देती है कि आंदोलन में शामिल छात्रों और युवाओं के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई या FIR दर्ज नहीं होगी, तो वे अपना अनशन समाप्त कर देंगे।
दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश के बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित किया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
NEET विवाद पर बढ़ा राजनीतिक टकराव
NEET पेपर लीक का मुद्दा अब संसद के मानसून सत्र का प्रमुख राजनीतिक विषय बन चुका है। एक ओर सरकार दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और फास्ट-ट्रैक कोर्ट की बात कर रही है, वहीं विपक्ष परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, जवाबदेही तय करने और छात्रों के हितों की सुरक्षा की मांग को लेकर सरकार पर लगातार दबाव बना रहा है।







