मेरे गणपति विघ्न हरण, मंगल करण गणेश भगवान गणेश को समर्पित एक भक्तिमय भजन है। भगवान गणेश की पूजा के दौरान आप इस भजन को गा या सुन सकते हैं। मान्यता है कि गणेश जी विघ्नों को दूर करने वाले और मंगल करने वाले देवता हैं। भक्त इस भजन के माध्यम से सुख, समृद्धि, बुद्धि और शुभ कार्यों के लिए गणपति बप्पा से प्रार्थना करते हैं।
गणेश जी का भजन
मेरे गणपति विघ्न हरण,
मंगल करण गणेश।
मंगल करदे,
शुभ कम्म रचदे,
कटदे सब दे कलेश।
मेरे गणपति विघ्न हरण,
मंगल करण गणेश।
प्रथम पूजा गणपति की
प्रथम पूजा करे सब तेरी,
मेहर करीं तू सब ते।
बुध्दी बल दे हो तुसी राजा,
प्यारे गौरा-शिव दे।
पहिलां तुहानूं सद के,
करीए आरती,
मेरे प्यारे गणेश।
मेरे गणपति विघ्न हरण,
मंगल करण गणेश।
मंगल करदे,
शुभ कम्म रचदे,
कटदे सब दे कलेश।
सबके दुख हरने वाले गणेश
अंधे नूं तुसी देंदे जोती,
कोढ़ी नूं देंदे काया।
सब नूं तुसी बुध्दी देंदे,
निर्धन नूं देंदे माया।
साडी वी हुण सुन लो छेती,
मेरे प्यारे गणेश।
विघ्न हरण, मंगल करण,
मेरे प्यारे गणेश।
मेरे गणपति विघ्न हरण,
मंगल करण गणेश।
मंगल करदे,
शुभ कम्म रचदे,
कटदे सब दे कलेश।
गणपति को भोग अर्पित करें
लड्डूआं दा मैं भोग बनाया,
मोदक भोग बनावां।
फुल्लां दा मैं हार चढ़ावां,
पान सुपारी दूर्वा लियावां।
खुश-खुश हो के,
भोग लगाणा,
मेरे प्यारे गणेश।
गणपति मंगल करण,
मेरे प्यारे गणेश।







