नई दिल्ली। IIT दिल्ली में 22 अगस्त को MSc फिजिक्स के 31 वर्षीय छात्र की मौत के मामले में संस्थान ने जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। छात्र ने कथित तौर पर कैंपस की एक इमारत से छलांग लगाकर आत्महत्या की थी। मामले की गहन जांच के लिए IIT दिल्ली ने एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है, जिसे दो सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
इधर, दिल्ली पुलिस ने भी अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में होगी जांच
जांच कमेटी की अध्यक्षता दिल्ली हाईकोर्ट की पूर्व जज जस्टिस मुक्ता गुप्ता करेंगी। कमेटी में AIIMS नई दिल्ली के साइकियाट्री विभाग के प्रमुख प्रताप शरण, चार छात्र प्रतिनिधि और रजिस्ट्रार को सचिव एवं कन्वेनर के तौर पर शामिल किया गया है।
कमेटी को दो सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। संस्थान के मुताबिक, कमेटी को मामले के सभी पहलुओं की जांच करने और भविष्य में छात्रों की सहायता व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए जरूरी सुझाव देने का अधिकार दिया गया है।
IIT दिल्ली ने जताया शोक
संस्थान ने MSc छात्र की दुखद मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया है। IIT दिल्ली ने बताया कि फैकल्टी, छात्रों और स्टाफ के योगदान से मृतक छात्र के परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, छात्र जुलाई 2025 में MSc कार्यक्रम में शामिल हुआ था।
दिल्ली पुलिस ने दर्ज किया उकसावे का केस
दिल्ली पुलिस ने छात्र की मौत के मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, छात्र सुबह करीब 8 बजे IIT दिल्ली के मुख्य गेट से कैंपस में दाखिल हुआ था। इसके बाद वह लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स पहुंचा और लिफ्ट से छठी मंजिल पर गया। वहां से उसने इमारत के सामने की ओर छलांग लगा दी।
पुलिस घटना के पीछे की वजह और संभावित परिस्थितियों की जांच कर रही है।
छात्रों के विरोध के बीच क्लासें सस्पेंड
छात्र की मौत के बाद IIT दिल्ली में छात्रों का विरोध भी सामने आया। सोमवार को संस्थान में क्लासें सस्पेंड कर दी गईं। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने घटना से जुड़ी प्रशासनिक खामियों की स्वतंत्र जांच और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही की मांग की।
PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, छात्रों ने अकादमिक प्रोजेक्ट न मिलने, आवास संबंधी समस्याओं और पर्याप्त सहायता प्रणाली के अभाव जैसे मुद्दों की भी जांच की मांग की। इसके अलावा संस्थान की मानसिक स्वास्थ्य सहायता और काउंसलिंग व्यवस्था से जुड़े प्रोटोकॉल में अधिक पारदर्शिता की मांग उठाई गई।
घटनास्थल से सुसाइड नोट नहीं मिला
पुलिस के मुताबिक, घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। छात्र की जेब से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है, जिसकी जांच की जा रही है।
पुलिस IIT दिल्ली प्रशासन से छात्र के काउंसलिंग रिकॉर्ड और अन्य जरूरी जानकारी भी हासिल कर रही है। फिलहाल पुलिस घटना के कारणों और इससे जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







