महाराष्ट्र की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, अजित पवार के नेतृत्व वाला गुट चाहता है कि महाराष्ट्र में NCP के दोनों पक्ष फिर से एक हो जाएं। सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल के नेतृत्व वाला गुट भी विलय के पक्ष में बताया जा रहा है।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) की इच्छा है कि शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP (SP) राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का हिस्सा बने। हालांकि, सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार के इस प्रस्ताव के विरोध में होने की खबरें हैं। इससे दोनों गुटों के एक होने की संभावनाओं को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब NCP के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल ने गुरुवार शाम मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल पहुंचकर भर्ती शरद पवार से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना।
प्रफुल्ल पटेल और शरद पवार के बीच विलय पर चर्चा
सूत्रों के अनुसार, प्रफुल्ल पटेल और शरद पवार के बीच मुलाकात के दौरान NCP के दोनों गुटों के विलय की संभावनाओं पर बातचीत हुई। बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शरद पवार को भेजे गए संदेश पर भी चर्चा की।
शरद पवार के बार-बार अस्पताल में भर्ती होने के बीच अब यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार एकजुट NCP बनाने की मांग पर सहमत होंगे। फिलहाल इस मुद्दे पर दोनों पक्षों की ओर से कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया है।
NCP के विलय से BJP को क्या फायदा हो सकता है?
NCP के दोनों गुटों का विलय और शरद पवार की पार्टी का NDA में शामिल होना BJP के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो सकता है। इससे NCP (SP) खेमे के आठ प्रमुख सांसदों का समर्थन मिलने की संभावना जताई जा रही है, जिससे संसद में सत्ताधारी गठबंधन की स्थिति मजबूत हो सकती है।
इसके अलावा, शरद पवार INDIA गठबंधन के सबसे वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। ऐसे में अगर वे NDA का हिस्सा बनते हैं, तो विपक्षी गठबंधन की राजनीतिक रणनीति और एकजुटता पर असर पड़ सकता है।
शरद पवार के खेमे को क्या मिल सकता है?
सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित विलय से शरद पवार के गुट को भी राजनीतिक लाभ मिल सकता है। चर्चा है कि उनकी बेटी और सांसद सुप्रिया सुले को केंद्रीय कैबिनेट में मंत्री पद दिया जा सकता है। इससे एकजुट NCP में उनकी राजनीतिक भूमिका भी मजबूत हो सकती है।
वहीं, NCP के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल को महाराष्ट्र कैबिनेट में वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलने की संभावना भी जताई जा रही है। हालांकि, इन संभावित पदों और राजनीतिक समझौते को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
शरद पवार को अस्पताल में क्यों कराया गया भर्ती?
शरद पवार को खांसी और संक्रमण की शिकायत के बाद मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनके डॉक्टरों के मुताबिक, उनमें ब्रोंकाइटिस जैसे लक्षण दिखाई दिए थे। फिलहाल उनका इलाज जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
इससे पहले उन्हें पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक से छुट्टी मिली थी, जहां वह दो दिनों तक भर्ती रहे थे। उस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन कर उनका हालचाल जाना था।
PM मोदी ने सुप्रिया सुले को लेकर क्या कहा था?
शरद पवार के करीबी मित्र विट्ठल मणियार ने मीडिया को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने फोन पर बातचीत के दौरान सुप्रिया सुले का जिक्र किया था। उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री ने कहा था कि सुप्रिया सुले तैयार हैं और देश की जिम्मेदारी संभालने में सक्षम हैं।
मणियार के अनुसार, प्रधानमंत्री ने शरद पवार से देश की चिंता छोड़कर अपनी सेहत पर ध्यान देने की बात भी कही थी।
फिलहाल NCP के दोनों गुटों के विलय और शरद पवार के NDA में शामिल होने को लेकर राजनीतिक चर्चाएं जारी हैं। आने वाले दिनों में दोनों गुटों के नेताओं की बातचीत और उनके फैसले से महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा स्पष्ट हो सकती है।







