National Thoughts Logo
National Thoughts
AWebPortalOfPositiveJournalism

पंजाब में पराली जलने से दिल्ली की हवा खराब, सिरसा का मान सरकार पर आरोप

a
admin
5 नवंबर 2026 | 12:03 pm IST
Featured Image

नई दिल्ली, 5 नवंबर। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बृहस्पतिवार को पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर पराली जलाने के मुद्दे पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में खेतों में पराली जलाने की घटनाओं में तेजी दिल्ली की हवा में प्रदूषण बढ़ने की प्रमुख वजह है।

सिरसा ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यह दावा करके गलत जानकारी दी है कि राज्य में धान की कटाई अभी शुरू नहीं हुई है। जबकि पंजाब सरकार के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में धान की 77 प्रतिशत कटाई पूरी हो चुकी है।

भगवंत मान के दावों पर सिरसा ने उठाए सवाल

मनजिंदर सिंह सिरसा ने भगवंत मान के इस दावे पर भी सवाल उठाया कि पंजाब से उठने वाला धुआं दिल्ली तक नहीं पहुंचता। उन्होंने 4 नवंबर 2022 को हुए एक संवाददाता सम्मेलन का हवाला देते हुए कहा कि उस समय पंजाब के मुख्यमंत्री ने पराली जलाने पर रोक लगाने की जिम्मेदारी ली थी।

सिरसा ने कहा कि दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी स्वीकार किया था कि प्रदूषित हवा राज्य की सीमाएं पार करती है। उन्होंने प्रदूषण के आंकड़ों का जिक्र करते हुए बताया कि दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 30 अक्टूबर को 60 था, जो चार दिन के भीतर बढ़कर करीब 350 पहुंच गया।

पंजाब में एक दिन में पराली जलाने की 584 घटनाएं

पर्यावरण मंत्री ने दावा किया कि दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने के साथ ही पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में भी तेजी आई है। उनके अनुसार, 3 नवंबर को पंजाब में पराली जलाने की 584 घटनाएं दर्ज की गईं, जो इस सीजन में एक दिन में दर्ज की गई सबसे अधिक घटनाएं हैं।

उन्होंने बताया कि पिछले साल 4 नवंबर को पंजाब में पराली जलाने की 292 घटनाएं सामने आई थीं। सिरसा ने पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि राज्य में अब तक पराली जलाने की कुल 2,196 घटनाएं दर्ज की गई हैं और इस संबंध में 494 प्राथमिकी भी दर्ज हुई हैं।

किसानों को पर्याप्त उपकरण नहीं देने का आरोप

सिरसा ने पंजाब सरकार पर किसानों को पराली के निस्तारण के पर्याप्त विकल्प उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसानों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, जबकि पराली जलाने पर रोक लगाने की जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारियों को बख्शा जा रहा है।

उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार ने ‘हैप्पी सीडर’ और ‘बेलर’ जैसे कृषि उपकरणों की खरीद के लिए 5,000 करोड़ रुपये जारी किए थे, लेकिन पंजाब सरकार किसानों तक इन उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं कर सकी।

CAQM ने पंजाब के अधिकारियों को किया तलब

सिरसा ने बताया कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 4 नवंबर को पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने में कथित विफलता को लेकर पंजाब के कई जिलों के उपायुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को तलब किया था।

उन्होंने पंजाब सरकार पर पराली जलाने की घटनाओं के आंकड़े कम करके पेश करने का आरोप लगाया। साथ ही, इस सीजन में घटनाओं में हुई बढ़ोतरी का हवाला देते हुए सरकार के 90 प्रतिशत कमी के दावों पर सवाल उठाए।

AAP पर प्रदूषण के मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री ने आम आदमी पार्टी पर प्रदूषण के मुद्दे का राजनीतिकरण करने का भी आरोप लगाया। हालांकि, उनके आरोपों पर पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

सिरसा ने कहा कि दिल्ली सरकार ने वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए कई कदम उठाए हैं और राष्ट्रीय राजधानी में 220 दिन अपेक्षाकृत साफ हवा दर्ज की गई।

पंजाब से आने वाला धुआं भी प्रदूषण की वजह: सिरसा

सिरसा ने कहा कि दिल्ली की हवा में अचानक आई गिरावट के लिए कोई बड़ी नई निर्माण गतिविधि, प्रदूषण फैलाने वाले उद्योग या वाहनों की भारी आवाजाही जिम्मेदार नहीं है। उन्होंने पंजाब से आने वाले धुएं को प्रदूषण बढ़ने की एक प्रमुख वजह बताया।

उनके मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ी हवाएं पंजाब के धुएं को दिल्ली की ओर ला रही हैं।

BS-6 से नीचे के वाहनों पर प्रतिबंध का किया बचाव

मनजिंदर सिंह सिरसा ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के लोगों से BS-6 मानकों से नीचे के वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर लगी पाबंदी के कारण हो रही असुविधा के लिए खेद जताया।

उन्होंने कहा कि ये प्रतिबंध लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए लगाए गए हैं। सिरसा ने पड़ोसी क्षेत्रों के लोगों से नियमों का पालन करने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि NCR से दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहनों का धुआं भी राजधानी की वायु गुणवत्ता को प्रभावित करता है।