महाराष्ट्र के मत्स्य पालन मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे ने बुधवार को कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दल ‘सत्ता परिवर्तन’ की आड़ में देश में अराजकता फैलाने और संविधान को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। राणे ने आरोप लगाया कि विपक्ष का मकसद हिंदू धर्म के खिलाफ शरिया कानून लागू करना है।
नागपुर के महल इलाके में भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) की ओर से आयोजित ‘युवा शंखनाद’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राणे ने मौजूदा राजनीतिक स्थिति को संविधान और शरिया के बीच की लड़ाई बताया। उन्होंने दावा किया कि ‘गजवा-ए-हिंद’ के नाम पर भारत को 2047 तक इस्लामिक राष्ट्र में बदलने की कोशिशें की जा रही हैं।
राहुल गांधी और INDIA गठबंधन पर साधा निशाना
राणे ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के सहयोगी सत्ता परिवर्तन की मांग कर रहे हैं। उनके मुताबिक, विपक्ष का उद्देश्य लोकतांत्रिक देश में अराजकता फैलाना और संविधान को कमजोर करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता परिवर्तन के जरिए हिंदू धर्म के खिलाफ शरिया कानून लागू करने की कोशिश की जा रही है।
शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और पार्टी विधायक आदित्य ठाकरे पर निशाना साधते हुए राणे ने कहा कि वे सत्ता परिवर्तन चाहते हैं, लेकिन सरकार गिराना उतना आसान नहीं है, जितना वड़ा पाव का स्टॉल चलाना।
औरंगजेब को लेकर AIMIM पार्षद पर विवादित टिप्पणी
इससे पहले नागपुर हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान राणे ने AIMIM की मुंब्रा नगरसेवक सहर शेख की कथित इंस्टाग्राम पोस्ट को लेकर भी निशाना साधा। यह पोस्ट मुगल बादशाह औरंगजेब से संबंधित बताई जा रही है।
राणे ने आरोप लगाया कि सहर शेख को महाराष्ट्र को इस्लामी रंग में रंगने का काम सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें औरंगजेब से इतना ही लगाव है, तो उन्हें अपने पिता के साथ पाकिस्तान चले जाना चाहिए। राणे ने यह भी कहा कि शेख शायद भूल गई हैं कि वह एक हिंदू राष्ट्र में चुनाव जीतकर आई हैं।
शिवाजी महाराज और हिंदवी स्वराज्य का किया जिक्र
राणे ने कहा कि महाराष्ट्र की धरती पर छत्रपति शिवाजी महाराज ने मुगलों को हराकर हिंदवी स्वराज्य की स्थापना की थी। उन्होंने महाराष्ट्र को भगवान शिव और हिंदुओं की भूमि बताते हुए कहा कि यह किसी के बाप का पाकिस्तान नहीं है।
उन्होंने आगे विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो ऐसे लोगों को पाकिस्तान भेजने का तरीका भी उन्हें अच्छी तरह पता है।
दरअसल, सहर शेख ने कथित तौर पर अपनी पोस्ट में लिखा था कि कुछ लोग किताबों से मुगल इतिहास मिटाना चाहते हैं। उन्होंने सवाल उठाया था कि किताबों से इतिहास हटाने की कोशिश करने वाले इस धरती से इतिहास कैसे मिटा सकते हैं।
SIR को लेकर भी दिया बयान
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर बोलते हुए नितेश राणे ने इसे जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की जांच होनी चाहिए, ताकि कोई पाकिस्तानी या बांग्लादेशी नागरिक भारत आकर मतदान न कर सके।
राणे के इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में सत्ता परिवर्तन, शरिया कानून और मुगल इतिहास को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।






