National Thoughts Logo
National Thoughts
AWebPortalOfPositiveJournalism

कच्चे तेल में गिरावट से Sensex 1,385 अंक उछला, Nifty 24,344 के पार

a
admin
5 नवंबर 2026 | 10:52 am IST
Featured Image

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को लगातार छठे कारोबारी सत्र में तेजी जारी रही। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 2 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, अमेरिकी शेयर बाजारों में जोरदार उछाल और विदेशी निवेशकों की लगातार खरीदारी से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। इसके अलावा, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीदों ने भी बाजार को सहारा दिया।

सेंसेक्स 1,385 अंक चढ़ा, निफ्टी 24,344 के पार

गुरुवार सुबह 9:17 बजे बीएसई सेंसेक्स 1,385 अंक यानी 1.79 प्रतिशत की तेजी के साथ 78,686.73 पर पहुंच गया। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 में 384 अंकों यानी 1.60 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और यह 24,344.90 के स्तर पर कारोबार करने लगा।

बुधवार को भी बाजार में मजबूत तेजी देखने को मिली थी। वैश्विक बाजारों में जोखिम लेने की निवेशकों की बढ़ती इच्छा का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखाई दिया।

अमेरिकी बाजारों में जोरदार तेजी

भारतीय बाजारों को अमेरिकी शेयर बाजारों से भी सकारात्मक संकेत मिले। बुधवार को वॉल स्ट्रीट में शानदार तेजी दर्ज की गई। डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 1,569 अंक यानी 3.03 प्रतिशत उछलकर 53,356.12 पर पहुंच गया। यह 9 अप्रैल 2025 के बाद इसका एक दिन का सबसे बड़ा उछाल बताया गया।

इसके अलावा, एसएंडपी 500 में 1.58 प्रतिशत और नैस्डैक कंपोजिट में 1.44 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

अमेरिकी चुनाव नतीजों से भू-राजनीतिक तनाव घटने की उम्मीद

निवेशकों ने अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की बढ़त का स्वागत किया। बाजार में उम्मीद जताई जा रही है कि इससे कांग्रेस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने राजनीतिक संतुलन मजबूत होगा और ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल के टकराव के और बढ़ने की आशंका कम हो सकती है।

वैश्विक तनाव में कमी की उम्मीदों ने कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ाया है। इसका फायदा भारत जैसी तेल आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्थाओं को मिल सकता है।

लगातार चौथे दिन गिरा कच्चा तेल

गुरुवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। 02:11 GMT तक ब्रेंट क्रूड वायदा 1.03 प्रतिशत गिरकर 93.65 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 1.29 प्रतिशत की गिरावट के साथ 86.98 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में दोनों प्रमुख बेंचमार्क की कीमतों में 8 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई थी। इसके चलते तेल की कीमतें 31 अगस्त के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई थीं। ब्रेंट क्रूड भी 100 डॉलर प्रति बैरल के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गया।

भारत की अर्थव्यवस्था को मिल सकती है राहत

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारत के लिए राहत भरी खबर है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। तेल सस्ता होने से आयात बिल और महंगाई पर दबाव कम हो सकता है। साथ ही, कंपनियों की लागत घटने और मुनाफे में सुधार की संभावना भी बढ़ती है।

इसी वजह से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट को भारतीय शेयर बाजार की तेजी का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है।