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एस्सार पावर आंध्र प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना पर ₹4,500 करोड़ करेगी खर्च

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admin
4 नवंबर 2026 | 02:41 pm IST
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नई दिल्ली, 4 नवंबर। एस्सार पावर आंध्र प्रदेश में 300 मेगावाट की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना स्थापित करने के लिए करीब 4,500 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यह निवेश कंपनी की नवीकरणीय ऊर्जा इकाई एस्सार रिन्यूएबल्स लिमिटेड (ईआरएल) और सार्वजनिक क्षेत्र की एनएचपीसी लिमिटेड के बीच बिजली खरीद समझौते (पीपीए) पर हस्ताक्षर के बाद किया जाएगा।

कंपनी ने बुधवार को जारी बयान में बताया कि इस परियोजना में सौर और पवन ऊर्जा उत्पादन के साथ बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस) का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका उद्देश्य विश्वसनीय और मांग के अनुरूप उपलब्ध कराई जा सकने वाली नवीकरणीय ऊर्जा की आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

सौर, पवन और बैटरी भंडारण से मिलेगी बिजली

इस परियोजना में सौर और पवन ऊर्जा के साथ बैटरी भंडारण प्रणाली को एकीकृत किया जाएगा। इससे जरूरत के अनुसार बिजली उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

यह समझौता एस्सार पावर की उस योजना की दिशा में एक और कदम है, जिसके तहत कंपनी नवीकरणीय, तापीय और गैस आधारित बिजली उत्पादन के क्षेत्रों में करीब पांच गीगावाट का विविध ऊर्जा कारोबार तैयार करना चाहती है।

विकसित भारत के लक्ष्य में ऊर्जा क्षेत्र की अहम भूमिका

एस्सार समूह के बुनियादी ढांचे के परिचालन भागीदार श्रीनिवासन वैद्यनाथन ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ते हुए विश्वसनीय और टिकाऊ ऊर्जा तंत्र तैयार करना बेहद महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा, “विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ते हुए एक विश्वसनीय और टिकाऊ ऊर्जा तंत्र तैयार करना हमारी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण होगा। ऊर्जा क्षेत्र में एस्सार का अनुभव और नई प्रौद्योगिकियों तथा उभरते अवसरों पर हमारा ध्यान हमें भारत की ऊर्जा वृद्धि के इस अगले चरण में भागीदारी के लिए मजबूत आधार देता है।”

नवीकरणीय ऊर्जा कारोबार को मजबूत करेगी परियोजना

एस्सार पावर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अंकुर कुमार ने कहा कि एनएचपीसी के साथ हुआ यह समझौता सौर, पवन और बैटरी भंडारण के क्षेत्रों में कंपनी के नवीकरणीय ऊर्जा कारोबार को मजबूत करेगा।

उन्होंने कहा, “एस्सार रिन्यूएबल्स में हमारा ध्यान सौर, पवन और बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के क्षेत्र में मजबूत खंड तैयार करने पर है। इसके लिए हम भारत के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ते अवसरों का लाभ उठा रहे हैं। एनएचपीसी के साथ 300 मेगावाट की एफडीआरई परियोजना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।”

कंपनी के मुताबिक, यह परियोजना भारत के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ते अवसरों का लाभ उठाने और टिकाऊ ऊर्जा उत्पादन की दिशा में उसकी रणनीति का हिस्सा है।