एनएसई इंटरनेशनल एक्सचेंज (NSE IX) ने अपने बाजार में कारोबार का समय बढ़ाकर रोजाना 23.5 घंटे कर दिया है। इस बदलाव से वैश्विक निवेशक एशियाई, यूरोपीय और अमेरिकी बाजारों के कारोबारी सत्रों के दौरान भी NSE IX पर कारोबार कर सकेंगे। NSE IX ने मंगलवार को जारी बयान में बताया कि नया ट्रेडिंग शेड्यूल 2 नवंबर से लागू हो गया है। इसके तहत बाजार में कारोबार सुबह 3:15 बजे शुरू होगा और अगले दिन तड़के 2:45 बजे तक जारी रहेगा। इससे पहले एक्सचेंज पर करीब 21 घंटे कारोबार की सुविधा उपलब्ध थी।
अब लगभग पूरे दिन कारोबार कर सकेंगे निवेशक
NSE IX ने कारोबार का समय बढ़ाने का फैसला अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और कारोबारियों को लगभग पूरे दिन बाजार तक पहुंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लिया है। इससे निवेशकों को एशियाई, यूरोपीय और अमेरिकी कारोबारी समय के दौरान बाजार में सक्रिय रहने की सुविधा मिलेगी।
इस पहल का उद्देश्य भारत को वैश्विक पूंजी बाजारों से जोड़ने वाले अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र के रूप में GIFT City की भूमिका को और मजबूत करना है।
वैश्विक घटनाक्रमों पर प्रतिक्रिया देना होगा आसान
कारोबार का समय बढ़ने से निवेशकों को वैश्विक घटनाक्रमों पर तुरंत प्रतिक्रिया देने में मदद मिलेगी। साथ ही, अलग-अलग समय क्षेत्रों में अपने निवेश और बाजार जोखिम को संभालना भी आसान होगा।
NSE IX के अनुसार, उसका तकनीकी बुनियादी ढांचा कारोबारी सत्रों के बीच तीन मिनट के भीतर और दिन का कारोबार समाप्त होने पर 15 मिनट से भी कम समय में सिस्टम के रखरखाव और अपडेट की सुविधा देता है।
NSE IX के CEO ने क्या कहा?
NSE IX के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) वी. बालासुब्रमण्यम ने कहा कि कारोबार का समय बढ़ाकर 23.5 घंटे करना GIFT City से वैश्विक स्तर पर सुलभ बाजार बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
उन्होंने कहा, “सभी समय क्षेत्रों में बाजार तक पहुंच उपलब्ध कराकर हम प्रतिभागियों को अधिक सुविधा दे रहे हैं और वैश्विक वित्तीय बाजारों के साथ GIFT City का संपर्क मजबूत कर रहे हैं।”
2017 में हुई थी NSE IX की स्थापना
NSE IX एक अंतरराष्ट्रीय बहु-परिसंपत्ति एक्सचेंज है। इसकी स्थापना जून 2017 में गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (GIFT City) में की गई थी। इसे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (IFSCA) से मान्यता प्राप्त है।
कारोबार का समय बढ़ाने की इस पहल से GIFT City को वैश्विक वित्तीय बाजारों के साथ बेहतर तरीके से जोड़ने और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए भारतीय बाजार तक पहुंच आसान बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।







