प्रकाश के पर्व दिवाली से ठीक पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों की हवा बेहद जहरीली हो गई है। मंगलवार सुबह दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बढ़कर 331 दर्ज किया गया, जिससे पूरी राजधानी ‘बहुत खराब’ (Very Poor) श्रेणी में पहुंच गई है। वहीं, कई हॉटस्पॉट और औद्योगिक इलाकों में प्रदूषण का स्तर ‘गंभीर’ (Severe) श्रेणी में पहुंच गया है। लगातार दूसरे दिन हवा की गुणवत्ता में गिरावट दर्ज की गई है।
कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार सुबह 9 बजे दिल्ली का AQI 312 था, जो शाम 4 बजे बढ़कर 324 हो गया। मंगलवार सुबह 7 बजे तक यह और बढ़कर 331 पर पहुंच गया।
कई इलाकों में AQI 400 के पार, जहांगीरपुरी सबसे प्रदूषित
दिल्ली के कई हिस्सों में प्रदूषण का स्तर 400 के पार पहुंच गया है, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, जहांगीरपुरी में सबसे अधिक AQI 499 दर्ज किया गया। इसके बाद रोहिणी, बवाना और नरेला समेत कई इलाकों में हवा की स्थिति बेहद खराब रही।
प्रमुख प्रदूषित इलाकों का AQI इस प्रकार है:
| इलाका | AQI |
|---|---|
| जहांगीरपुरी | 499 |
| रोहिणी | 431 |
| बवाना | 408 |
| नरेला | 406 |
| दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU) | 403 |
| पटपड़गंज | 379 |
| आरके पुरम | 374 |
| ITO | 373 |
| जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम | 355 |
| ओखला फेज-2 | 352 |
| चांदनी चौक | 352 |
| जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) | 328 |
कुछ इलाकों में प्रदूषण का स्तर अपेक्षाकृत कम
राष्ट्रीय राजधानी के कुछ हिस्सों में हवा की गुणवत्ता अपेक्षाकृत बेहतर रही, हालांकि वहां भी प्रदूषण का स्तर ‘खराब’ (Poor) श्रेणी में दर्ज किया गया।
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे के टर्मिनल-3 पर AQI 287, आनंद विहार में 279, उत्तम नगर में 274 और IMD लोधी रोड पर 226 दर्ज किया गया।
AQI की श्रेणियां क्या हैं?
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, वायु गुणवत्ता सूचकांक को छह श्रेणियों में बांटा गया है।
| AQI स्तर | वायु गुणवत्ता |
|---|---|
| 0-50 | अच्छा |
| 51-100 | संतोषजनक |
| 101-200 | मध्यम |
| 201-300 | खराब |
| 301-400 | बहुत खराब |
| 401-500 | गंभीर |
AQI जितना अधिक होता है, हवा में प्रदूषण का स्तर उतना ही ज्यादा होता है और स्वास्थ्य पर इसका प्रभाव भी बढ़ता है।
दिल्ली-NCR में GRAP-2 की पाबंदियां लागू
दिल्ली में हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंचने के बाद सोमवार को कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के दूसरे चरण के उपाय लागू कर दिए।
GRAP प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लागू किए जाने वाले आपातकालीन उपायों का एक सेट है। इसके तहत AQI के स्तर के अनुसार अलग-अलग चरणों में प्रतिबंध और नियंत्रण उपाय लागू किए जाते हैं।
GRAP-1: AQI 201 से 300 के बीच होने पर।
GRAP-2: AQI 301 से 400 के बीच होने पर।
GRAP-3: AQI 401 से 450 के बीच होने पर।
GRAP-4: AQI 450 से अधिक होने पर।
धूल नियंत्रण और सार्वजनिक परिवहन पर जोर
GRAP-2 लागू होने के बाद दिल्ली-NCR में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए अधिकारियों को अतिरिक्त कदम उठाने होंगे। इसके तहत धूल प्रदूषण कम करने और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के प्रयास तेज किए जाएंगे।
प्रमुख उपायों में शामिल हैं:
सड़कों की नियमित मशीनी सफाई।
धूल कम करने के लिए पानी का छिड़काव।
एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल।
सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना।
पार्किंग शुल्क में वृद्धि।
दिवाली से पहले प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ने से राजधानी में हवा की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रदूषण नियंत्रण के उपायों पर प्रशासन की निगरानी और सख्त होने की संभावना है।







