कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक दिल दहला देने वाला सामूहिक हत्याकांड सामने आया है। यहां एक कैब ड्राइवर पर घरेलू विवाद और पारिवारिक रंजिश के चलते अपनी पत्नी, सास और ससुराल के पांच अन्य सदस्यों समेत कुल सात लोगों की हत्या करने का आरोप है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने कथित तौर पर शवों को अपनी कार में रखकर शहर के अलग-अलग इलाकों में फेंक दिया।
पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। यह घटना राजाजीनगर इलाके से जुड़ी बताई जा रही है। मामले का खुलासा गुरुवार देर रात उस समय हुआ, जब श्रीरामपुरा पुलिस स्टेशन में दर्ज गुमशुदगी की शिकायत के सिलसिले में पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की।
पत्नी और ससुराल वालों से नाराज था आरोपी
प्रारंभिक जांच के मुताबिक, आरोपी अपनी पत्नी सुनीता के व्यवहार और उसके मायके वालों के साथ लगातार संपर्क में रहने से नाराज था। उसका आरोप था कि जब भी वह अपनी पत्नी की शिकायत अपनी सास और सालों से करता था, तो वे हमेशा पत्नी का ही पक्ष लेते थे।
इसी पारिवारिक विवाद और नाराजगी के चलते उसने कथित तौर पर अपनी पत्नी और उसके परिवार के छह अन्य सदस्यों की हत्या की साजिश रची। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि वारदात की योजना कब बनाई गई और इसे किस तरह अंजाम दिया गया।
कौन हैं हत्याकांड के सात मृतक?
पुलिस के मुताबिक, इस सामूहिक हत्याकांड में आरोपी की पत्नी, सास, दो साले, उनकी पत्नियां और एक सात साल का बच्चा शामिल हैं।
मृतकों की पहचान इस प्रकार बताई गई है:
सुनीता: आरोपी की पत्नी।
रूपावती: आरोपी की सास।
शिवकुमार और शंकर: आरोपी के साले।
दिव्या और नलिनी: दोनों सालों की पत्नियां।
पुनीत: शिवकुमार का सात वर्षीय बेटा।
पुलिस सभी सात हत्याओं से जुड़ी परिस्थितियों और घटनाओं के क्रम की जांच कर रही है।
पार्टी के बहाने सालों को घर बुलाया
जांच में सामने आई शुरुआती जानकारी के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर हत्याओं की योजना पहले ही बना ली थी और वारदात को अलग-अलग चरणों में अंजाम दिया।
आरोप है कि उसने सबसे पहले अपनी पत्नी की हत्या की। इसके बाद उसने अपने दोनों सालों को पार्टी देने के बहाने घर बुलाया। उनके घर पहुंचने पर कथित तौर पर दोनों की हत्या कर दी गई।
इसके बाद आरोपी ने उनकी पत्नियों, अपनी सास और सात वर्षीय बच्चे को भी निशाना बनाया।
जांचकर्ताओं को संदेह है कि हत्याओं में पत्थर के सिल-बट्टे का इस्तेमाल किया गया होगा। हालांकि, पुलिस ने अभी तक हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार और वारदात के तरीके की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
शवों को अलग-अलग जगहों पर फेंकने का आरोप
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद आरोपी ने कथित तौर पर सभी शवों को अपनी कार में रखा और शहर के अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया।
जांचकर्ताओं को यह भी संदेह है कि आरोपी ने घटनास्थल पर खून के धब्बे साफ करने और सबूत मिटाने के लिए रसायनों का इस्तेमाल किया। पुलिस उसकी कार, घर और उन संभावित स्थानों की जांच कर रही है, जहां शवों को ठिकाने लगाया गया।
जांच टीम घटनास्थल से मिले संभावित साक्ष्यों को भी खंगाल रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा सकें।
गुमशुदगी की शिकायत से हुआ सात हत्याओं का खुलासा
इस पूरे मामले का खुलासा श्रीरामपुरा पुलिस स्टेशन में दर्ज एक गुमशुदगी की शिकायत के बाद हुआ। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अलग-अलग और विरोधाभासी बयान दिए, जिससे पुलिस का शक उस पर गहरा गया।
इसके बाद हुई पूछताछ में सात लोगों की हत्या का मामला सामने आया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने सात हत्याओं की बात कबूल की है। हालांकि, उसके बयान और कबूलनामे की पुष्टि के लिए जांच जारी है।
नंदी हिल्स के पास मिला सात साल के बच्चे का शव
पुलिस ने तलाशी अभियान के दौरान नंदी हिल्स की तलहटी के पास सात वर्षीय पुनीत का शव बरामद किया। यह तलाशी अभियान करीब चार घंटे तक चला।
फिलहाल बाकी छह शवों की तलाश के लिए अलग-अलग स्थानों पर पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं। पुलिस आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही है, ताकि हत्याओं के पूरे घटनाक्रम, शवों को ठिकाने लगाने के स्थानों और वारदात के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके।
मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस बरामद साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के बयानों की पुष्टि कर रही है।







