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योगी सरकार का बड़ा फैसला, किसानों और आपदा पीड़ितों का मुआवजा दोगुना

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admin
6 नवंबर 2026 | 11:26 am IST
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उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों, पशुपालकों और आम नागरिकों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। राज्य सरकार ने आपदा राहत के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता की राशि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है। नए प्रावधानों के अनुसार, प्राकृतिक आपदा में किसी व्यक्ति की मौत होने पर उसके परिवार को मिलने वाला मुआवजा 4 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये कर दिया गया है।

सरकार के इस फैसले से प्रदेश के करीब 10 लाख से अधिक किसानों और ग्रामीण परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। संशोधित दरें 1 अप्रैल से 4 नवंबर 2026 के बीच हुई आपदाओं और नुकसान पर लागू होंगी। यह सहायता राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) के तहत प्रदान की जाएगी।

आपदा में मौत होने पर परिवार को मिलेंगे 8 लाख रुपये

योगी सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को मिलने वाली आर्थिक सहायता दोगुनी कर दी है। पहले मृतक के परिवार को 4 लाख रुपये दिए जाते थे, लेकिन अब यह राशि बढ़ाकर 8 लाख रुपये कर दी गई है।

इसके अलावा, पशुधन की मौत पर मिलने वाले मुआवजे में भी बढ़ोतरी की गई है। नए प्रावधानों के तहत अलग-अलग श्रेणियों के पशुओं के लिए सहायता राशि इस प्रकार होगी:

बड़े पशुओं की मौत पर मुआवजा 40,000 से बढ़ाकर 50,000 रुपये।

बकरी, भेड़ और सूअर की मौत पर सहायता 4,000 से बढ़ाकर 5,500 रुपये।

घोड़े और खच्चर की मौत पर मुआवजा 20,000 से बढ़ाकर 25,400 रुपये।

मुर्गी पालन करने वाले किसानों को प्रति मुर्गी 100 के बजाय 130 रुपये मिलेंगे।

फसल नुकसान पर मुआवजे में 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी

प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल बर्बाद होने पर किसानों को अब पहले से अधिक आर्थिक सहायता मिलेगी। बाढ़, अत्यधिक बारिश और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित कृषि भूमि के लिए प्रति हेक्टेयर मुआवजे की नई दरें तय की गई हैं।

फसल नुकसान पर संशोधित मुआवजा:

कृषि भूमि की श्रेणी पुरानी राशि नई राशि
सिंचित भूमि ₹17,000 ₹22,000
असिंचित भूमि ₹8,500 ₹11,000
बारहमासी फसलें और एग्रोफॉरेस्ट्री ₹22,500 ₹30,000

इस बढ़ोतरी से उन किसानों को राहत मिलेगी, जिन्हें प्राकृतिक आपदाओं के कारण अपनी फसलों का नुकसान उठाना पड़ता है।

रेशम उत्पादन करने वाले किसानों को भी राहत

सरकार ने रेशम उत्पादन (सेरीकल्चर) से जुड़े किसानों के लिए भी आर्थिक सहायता बढ़ाई है। एरी, शहतूत (मलबेरी) और टसर रेशम उत्पादन में नुकसान होने पर मुआवजा 6,000 रुपये से बढ़ाकर 7,800 रुपये प्रति हेक्टेयर कर दिया गया है।

वहीं, मूंगा रेशम उत्पादन के नुकसान पर सहायता राशि 7,500 रुपये से बढ़ाकर 9,800 रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित की गई है।

क्षतिग्रस्त कृषि भूमि के लिए बढ़ाई गई सहायता

प्राकृतिक आपदाओं के कारण कृषि भूमि को नुकसान पहुंचने पर भी किसानों को अधिक मुआवजा मिलेगा। संशोधित प्रावधानों के तहत:

कृषि भूमि पर जमा गाद (सिल्ट) हटाने के लिए सहायता 18,000 से बढ़ाकर 23,000 रुपये प्रति हेक्टेयर।

भूस्खलन और हिमस्खलन से क्षतिग्रस्त भूमि के लिए मुआवजा 47,000 से बढ़ाकर 60,000 रुपये प्रति हेक्टेयर।इन बदलावों का उद्देश्य किसानों को खेती योग्य जमीन दोबारा तैयार करने में आर्थिक मदद देना है।

आपदा प्रभावित परिवारों को 30 दिनों तक मिलेगी सहायता

सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं के कारण विस्थापित हुए परिवारों के लिए भी राहत के प्रावधान किए हैं। राहत शिविरों में रहने वाले प्रभावित परिवारों को 30 दिनों तक सहायता दी जाएगी।

इसके अलावा, सूखे की स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों में 90 दिनों तक पीने के पानी की व्यवस्था के लिए सहायता देने का प्रावधान किया गया है। संशोधित नियमों में क्षतिग्रस्त मकानों, स्कूलों, सड़कों और अस्पतालों की मरम्मत के लिए भी आर्थिक सहायता शामिल की गई है।

क्षतिग्रस्त मकानों के लिए मिलेगा 2.06 लाख रुपये तक मुआवजा

प्राकृतिक आपदाओं में पूरी तरह नष्ट हुए मकानों के लिए सरकार ने सहायता राशि निर्धारित की है। नए प्रावधानों के अनुसार:

मैदानी इलाकों में पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकान के लिए 1.85 लाख रुपये।

पहाड़ी क्षेत्रों में पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकान के लिए 2.06 लाख रुपये।

मैदानी क्षेत्रों में आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकान के लिए 93,000 रुपये।

इससे आपदा प्रभावित परिवारों को अपने घरों का पुनर्निर्माण करने में मदद मिलेगी।

स्कूलों की मरम्मत के लिए भी बढ़ाई गई आर्थिक सहायता

योगी सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित शिक्षण संस्थानों के बुनियादी ढांचे को दोबारा तैयार करने के लिए भी सहायता राशि बढ़ाई है।

संशोधित प्रावधानों के तहत प्राथमिक विद्यालयों की मरम्मत के लिए 15.50 लाख रुपये तक की सहायता दी जा सकेगी। वहीं, माध्यमिक विद्यालयों, इंटरमीडिएट कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों के लिए सहायता राशि 26 लाख रुपये निर्धारित की गई है।

इस फैसले के जरिए सरकार ने आपदा राहत का दायरा किसानों और पशुपालकों से आगे बढ़ाकर आम परिवारों और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे तक विस्तारित किया है।