केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कनाडा की तीन दिवसीय सफल यात्रा पूरी करने के बाद छह दिवसीय आधिकारिक दौरे पर अमेरिका पहुंच गई हैं। कनाडा और अमेरिका की उनकी कुल नौ दिवसीय संयुक्त विदेश यात्रा 2 सितंबर तक चलेगी। इस दौरान वित्त मंत्री वैश्विक मंचों पर भारत का आर्थिक दृष्टिकोण रखेंगी और भारत-अमेरिका व्यापार एवं निवेश संबंधों को मजबूत करने पर जोर देंगी।
G20 बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगी
अमेरिका यात्रा के दौरान निर्मला सीतारमण उत्तरी कैरोलिना के एशविले में होने वाली G20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगी।
अमेरिका की अध्यक्षता में होने वाली यह बैठक 31 अगस्त और 1 सितंबर को प्रस्तावित है। इसमें G20 सदस्य देशों के वित्त मंत्री, केंद्रीय बैंक गवर्नर और वरिष्ठ आर्थिक अधिकारी वैश्विक अर्थव्यवस्था एवं वित्त से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
इससे पहले 29 और 30 अगस्त को G20 वित्त एवं केंद्रीय बैंक उप-प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की जाएगी।
शिकागो में निवेशकों और उद्योगपतियों से करेंगी मुलाकात
कनाडा दौरा पूरा करने के बाद सीतारमण बृहस्पतिवार को शिकागो के ओ’हारे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचीं। भारतीय दूतावास की उप प्रमुख नामग्या सी. खम्पा और शिकागो में भारत के महावाणिज्यदूत सोमनाथ घोष ने उनका स्वागत किया।
शिकागो प्रवास के दौरान वित्त मंत्री प्रमुख निवेशकों के साथ गोलमेज बैठक करेंगी। इसके अलावा वह निजी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों, अध्यक्षों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों से भी बातचीत करेंगी।
इन बैठकों में भारत में निवेश के अवसर, देश का आर्थिक परिदृश्य और भारत-अमेरिका व्यापार एवं निवेश संबंधों को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा होगी।
उद्यमिता और नवाचार पर भी होगी चर्चा
निर्मला सीतारमण शिकागो विश्वविद्यालय के पोल्स्की सेंटर फॉर एंटरप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन का भी दौरा करेंगी। यहां वह उद्यमिता, नवाचार और प्रौद्योगिकी के व्यावसायीकरण से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श करेंगी।
वित्त मंत्री भारत के तेजी से विकसित हो रहे नवाचार और उद्यमिता तंत्र के साथ वैश्विक संस्थानों के संबंध मजबूत करने के उपायों पर भी चर्चा करेंगी। इसके बाद वह शिकागो में भारतीय समुदाय के सदस्यों से मुलाकात करेंगी।
वैश्विक आर्थिक मुद्दों पर भारत का पक्ष रखेंगी
G20 बैठक में भारत की भागीदारी वैश्विक आर्थिक वृद्धि और स्थिरता, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सहयोग तथा विकसित और उभरती अर्थव्यवस्थाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए अहम होगी।
वित्तीय क्षेत्र में भारत अपनी प्राथमिकताओं और आर्थिक दृष्टिकोण को वैश्विक मंच पर रखने के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने पर भी जोर देगा।
न्यूयॉर्क में CEOs और निवेशकों से बैठक
G20 बैठक के बाद निर्मला सीतारमण न्यूयॉर्क जाएंगी। यहां वह प्रमुख कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEOs) और वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ गोलमेज बैठक करेंगी।
इसके अलावा वित्त क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारियों और CEOs के साथ अलग-अलग बैठकें भी प्रस्तावित हैं। इन बैठकों में निवेश के अवसरों, भारत के आर्थिक एवं वित्तीय परिदृश्य और भारत-अमेरिका वित्तीय एवं संस्थागत संबंधों को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा होगी।
नैस्डैक के ‘बैल रिंगिंग’ समारोह में होंगी शामिल
न्यूयॉर्क यात्रा के दौरान सीतारमण नैस्डैक के ‘बैल रिंगिंग’ समारोह में भी शामिल होंगी। शेयर बाजार से जुड़ी यह एक औपचारिक परंपरा है, जिसमें किसी खास व्यक्ति, कंपनी या प्रतिनिधिमंडल को बाजार के महत्वपूर्ण अवसर पर ट्रेडिंग शुरू होने या समाप्त होने की घंटी बजाने के लिए आमंत्रित किया जाता है।
कनाडा में आर्थिक एवं वित्तीय संवाद में लिया हिस्सा
अमेरिका रवाना होने से पहले वित्त मंत्री 25 अगस्त से शुरू हुई तीन दिवसीय कनाडा यात्रा पर थीं। वहां उन्होंने भारत-कनाडा आर्थिक एवं वित्तीय संवाद में हिस्सा लिया।
कनाडा के बाद अमेरिका की छह दिवसीय यात्रा के दौरान उनका मुख्य फोकस G20 में भारत की आर्थिक प्राथमिकताओं को सामने रखने के साथ-साथ निवेश आकर्षित करने और भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने पर रहेगा।







