12 और 13 सितंबर को दिल्ली के भारत मंडपम में होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन से पहले ग्रेटर नोएडा के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अहम गतिविधि देखने को मिली। मंगलवार सुबह रूस के तीन मिलिट्री विमानों ने एयरपोर्ट के रनवे पर लैंडिंग की। नए एयरपोर्ट के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी विदेशी मिलिट्री विमान ने यहां लैंड किया है।
IL-76 समेत तीन रूसी विमान पहुंचे
रूसी विमान सुबह करीब 5:30 बजे नोएडा एयरपोर्ट पहुंचे। इनमें रूस का मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान IL-76 भी शामिल था। विमानों के जरिए रूस की एडवांस टीम और सैन्य अधिकारी भारत पहुंचे हैं।
रूसी विमानों की यह लैंडिंग BRICS Summit और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की संभावित भारत यात्रा से जुड़ी तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एयरपोर्ट अथॉरिटी भी हाई-प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियों में जुटी है।
पूरे दिन एयरपोर्ट पर खड़े रहे विमान
तीनों रूसी मिलिट्री विमान बुधवार को पूरे दिन नोएडा एयरपोर्ट के रनवे पर खड़े रहे। एयरपोर्ट की सुरक्षा टीम और रूसी अधिकारियों की टीम विमानों की निगरानी करती रही और सुरक्षा इंतजामों की देखरेख की गई।
अब तक भारत आने वाले विदेशी सैन्य विमान आमतौर पर दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट का इस्तेमाल करते रहे हैं। ऐसे में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रूसी मिलिट्री विमानों की लैंडिंग को एयरपोर्ट के लिए एक अहम शुरुआत माना जा रहा है।
12-13 सितंबर को BRICS Summit
18वां BRICS शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होगा। सम्मेलन में कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और सरकार के प्रमुख शामिल होंगे। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।
नोएडा एयरपोर्ट पर रूसी सैन्य विमानों की लैंडिंग और पार्किंग को विदेशी मेहमानों की आवाजाही तथा अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल से जुड़ी तैयारियों के महत्वपूर्ण हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है।







