भगवान श्रीकृष्ण का यह मधुर भजन आप उनकी पूजा-अर्चना के दौरान गा या सुन सकते हैं। भक्तिभाव से भगवान कृष्ण का स्मरण करने और मन को शांति देने वाला यह भजन भगवान के प्रति समर्पण और कृपा की प्रार्थना को व्यक्त करता है।
भगवान कृष्ण का भजन
।। हे नाथ नारायण वासुदेवा ।।
श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी,
हे नाथ नारायण वासुदेवा।
भक्तों को तारा, तो क्या तुमने तारा,
रो-रो के कहता है हृदय हमारा।
जब जानूं सब पाप हर लो हमारे,
हे नाथ नारायण वासुदेवा।।
भगवान से दया की प्रार्थना
कहते हैं लोग तुम्हें दीनों का स्वामी,
सुनते नहीं नाथ मेरी कहानी।
अब तो दया कीजिए नाथ प्यारे,
हे नाथ नारायण वासुदेवा।।
प्रभु की कृपा की आस
लाखों की तुमने है बिगड़ी बनाई,
अब तो प्रभु जी मेरी बारी आई।
फिर भूल से याद कीजिए नाथ प्यारे,
हे नाथ नारायण वासुदेवा।।
प्रभु के चरणों में समर्पण
लाखों में ढूंढा, न पाया सहारा,
अब तो तेरे दर पे पल्ला पसारा।
खाली न जाए तेरे दर से प्यारे,
हे नाथ नारायण वासुदेवा।।







