दुबई दौरा खत्म कर मध्य प्रदेश लौटे मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को अपने सभी निर्धारित कार्यक्रम स्थगित कर सीधे सागर जिले का दौरा किया। सागर में जहरीली शराब के सेवन से अब तक 15 लोगों की दुखद मृत्यु की सूचना है। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज पहुंचकर अस्पताल में भर्ती पीड़ितों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों को मरीजों के इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने और हरसंभव बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए।
न्यायिक जांच के आदेश
घटना पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पूरे मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। इसका उद्देश्य घटना से जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच करना और जिम्मेदारी तय करना है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि गंभीर मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मृतकों के प्रति शोक संवेदना भी व्यक्त की।
वरिष्ठ अधिकारियों पर बड़ी जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी बदलाव किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, दिलीप कुमार ने सागर संभाग के आयुक्त के रूप में जिम्मेदारी संभाल ली है। वहीं इरशाद वली को सागर संभाग की पुलिस की कमान सौंपते हुए महानिरीक्षक (IG) बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
अवैध शराब के खिलाफ सख्त कार्रवाई
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने सागर जिले के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में अवैध शराब से हुई मौतों के मामले में कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाए।
साथ ही, जिले में नशा मुक्ति अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
आसपास के क्षेत्रों में भी जांच अभियान
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सागर के साथ-साथ आसपास और सीमावर्ती क्षेत्रों में भी गहन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी किसी संदिग्ध गतिविधि की आशंका हो, वहां तत्काल जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने पूरी जांच प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया।
अफवाह फैलाने वालों पर भी नजर
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए अनावश्यक अफवाह फैलाने वाले तत्वों पर भी पैनी नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शांति और सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर जिले में कानून-व्यवस्था को पूरी तरह चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपराध और असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।







