घरेलू शेयर बाजार में पिछले सत्र की भारी गिरावट के बाद बुधवार को शुरुआती कारोबार में हल्की रिकवरी देखने को मिली। मूल्य आधारित खरीदारी के चलते सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ खुले। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले से पहले सतर्क रुख और विदेशी पूंजी की निकासी ने बाजार की बढ़त को सीमित रखा।
सेंसेक्स 244 अंक चढ़ा
बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 244.02 अंक बढ़कर 74,293.25 अंक पर पहुंच गया। वहीं, एनएसई निफ्टी 77.20 अंक की बढ़त के साथ 23,201.85 अंक पर कारोबार करता नजर आया।
सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में महिंद्रा एंड महिंद्रा, रिलायंस इंडस्ट्रीज, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एचसीएल टेक, आईटीसी और भारतीय स्टेट बैंक के शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त रही।
वहीं, इंटरग्लोब एविएशन, टाटा स्टील, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और इटर्नल के शेयर नुकसान में कारोबार कर रहे थे।
एशियाई बाजारों में भी तेजी
एशियाई बाजारों में भी बुधवार को सकारात्मक रुख देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की 225, चीन का एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त में कारोबार कर रहे थे।
हालांकि, अमेरिकी बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।
कच्चे तेल की कीमतों पर नजर
अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.63 प्रतिशत गिरकर 108.1 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इसके बावजूद कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, जिससे बाजार की धारणा पर दबाव बना हुआ है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने मंगलवार को भारतीय बाजार में शुद्ध रूप से 2,977.86 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
विदेशी पूंजी की लगातार निकासी भी बाजार की तेजी को सीमित करने वाले प्रमुख कारणों में शामिल है।
पिछले सत्र में भारी गिरावट
इससे पहले मंगलवार को सेंसेक्स 777.94 अंक यानी 1.04 प्रतिशत टूटकर 74,003.82 अंक पर बंद हुआ था। यह सेंसेक्स का करीब तीन महीने का निचला स्तर था।
वहीं, निफ्टी 279.50 अंक यानी 1.19 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,118.60 अंक पर बंद हुआ था। यह 6 अप्रैल के बाद निफ्टी का सबसे निचला बंद स्तर रहा था।







