नई दिल्ली, 4 सितंबर। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के बहुप्रतीक्षित करीब 30,000 करोड़ रुपये के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) को बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) से मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही NSE के IPO की प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है। करीब 30,000 करोड़ रुपये का यह इश्यू आया तो यह देश का अब तक का सबसे बड़ा IPO बन सकता है।
NSE IPO को SEBI की हरी झंडी
SEBI की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, नियामक ने NSE के IPO प्रस्ताव से जुड़े दस्तावेज को मंजूरी दे दी है। NSE ने इसी साल 17 जून को IPO के लिए मसौदा दस्तावेज SEBI के पास दाखिल किए थे।
यह IPO लंबे समय से बाजार में चर्चा का विषय रहा है और नियामकीय अड़चनों के कारण इसकी प्रक्रिया में काफी समय लगा है।
पूरी तरह OFS होगा NSE का IPO
NSE का प्रस्तावित IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) पर आधारित होगा। इसके तहत मौजूदा शेयरधारक करीब 6 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर 14.89 करोड़ शेयर बेचेंगे।
OFS होने के कारण IPO से मिलने वाली रकम सीधे NSE को नहीं मिलेगी। शेयरों की बिक्री से प्राप्त राशि मौजूदा शेयरधारकों को जाएगी।
सितंबर में खुल सकता है IPO
मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार, NSE अगले सप्ताह IPO का प्राइस बैंड और अन्य प्रमुख विवरण जारी कर सकता है। प्रस्तावित कार्यक्रम के मुताबिक IPO 15 सितंबर को खुल सकता है, जबकि 24-25 सितंबर के आसपास शेयर बाजार में लिस्टिंग की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि, अंतिम तारीखों की पुष्टि संबंधित आधिकारिक घोषणाओं के बाद ही होगी।
टूट सकता है हुंदै मोटर इंडिया के IPO का रिकॉर्ड
करीब 30,000 करोड़ रुपये जुटाने की स्थिति में NSE, अक्टूबर 2024 में आए हुंदै मोटर इंडिया के 27,858.75 करोड़ रुपये के IPO का रिकॉर्ड पीछे छोड़ सकता है।
इसके अलावा NSE का प्रस्तावित इश्यू 2022 में आए LIC के 20,557.23 करोड़ रुपये, 2021 के Paytm के 18,300 करोड़ रुपये, 2025 के Tata Capital के 15,511.87 करोड़ रुपये और 2010 के Coal India के 15,200 करोड़ रुपये के IPO से भी बड़ा होगा।
Jio Platforms से होगी सबसे बड़े IPO की टक्कर
हालांकि, सबसे बड़े IPO का रिकॉर्ड हासिल करने के लिए NSE को रिलायंस की डिजिटल सेवा इकाई Jio Platforms Ltd. के प्रस्तावित IPO से भी चुनौती मिल सकती है।
Jio Platforms के IPO का आकार करीब 37,700 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। हालांकि, इसके IPO की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।
SBI समेत कई शेयरधारक बेचेंगे हिस्सेदारी
मसौदा दस्तावेज के अनुसार, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) IPO में 2.48 करोड़ तक शेयर बेच सकता है। वहीं MS Strategic (Mauritius) Ltd. करीब 1.60 करोड़ शेयरों की बिक्री करेगी।
NSE में SBI की करीब 3.23 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि उसकी अनुषंगी SBI Capital Markets के पास 4.33 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसके अलावा Stock Holding Corporation of India की NSE में करीब 4.44 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
LIC नहीं बेचेगी अपनी हिस्सेदारी
NSE की सबसे बड़ी शेयरधारक भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) अपनी करीब 10.72 प्रतिशत हिस्सेदारी में से कोई शेयर नहीं बेच रही है।
NSE के निदेशक मंडल ने इस साल 6 फरवरी को IPO लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इससे पहले एक्सचेंज को SEBI से IPO के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) भी मिल चुका था।
करीब एक दशक से चल रही थी IPO की तैयारी
NSE का IPO बाजार में आने का सफर काफी लंबा रहा है। एक्सचेंज ने पहली बार 2016 में OFS के जरिए करीब 10,000 करोड़ रुपये जुटाने के लिए मसौदा दस्तावेज दाखिल किए थे।
हालांकि, नियामकीय खामियों और को-लोकेशन मामले से जुड़ी चिंताओं के कारण IPO की प्रक्रिया लंबे समय तक आगे नहीं बढ़ सकी।
NSE का बाजार मूल्यांकन 5 लाख करोड़ रुपये के पार जाने की संभावना
करीब 30,000 करोड़ रुपये के IPO के बाद NSE का बाजार पूंजीकरण 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। ऐसा होने पर एक्सचेंज भारत की सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल हो सकता है।
अब SEBI की मंजूरी के बाद बाजार की नजर IPO के प्राइस बैंड, सब्सक्रिप्शन तारीखों और लिस्टिंग से जुड़ी आधिकारिक घोषणाओं पर है।







