दो बॉर्डर पॉइंट पर मिलेगी मंजूरी
नई व्यवस्था के लिए NHAI ने दो स्थानों पर NOC जारी की है। इनमें झिंझोली बॉर्डर (UER-II)/हरेवली और कुंडली बॉर्डर/KGT Main, NH-44 शामिल हैं।
MLFF सिस्टम लागू होने के बाद वाहनों को टोल भुगतान के लिए बैरियर पर रुकने की जरूरत नहीं होगी। इसका उद्देश्य दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहनों से Entry Fee और Environment Compensation Charge (ECC) की वसूली को तेज और सुचारु बनाना है।
RFID और नंबर प्लेट से होगी पहचान
नई टोल व्यवस्था में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। वाहनों की पहचान और टोल वसूली के लिए RFID और Automatic Number Plate Recognition (ANPR) जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किए जाने की योजना है।
इससे टोल प्लाजा पर वाहनों को रोककर भुगतान कराने की आवश्यकता कम होगी और ट्रैफिक फ्लो को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
10 और जगहों पर तैयारी जारी
अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली के अन्य 10 राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी गैन्ट्री लगाने के लिए NOC जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। MCD का लक्ष्य अक्टूबर 2026 तक कई प्रमुख एंट्री पॉइंट पर MLFF व्यवस्था लागू करना है।
इनमें DND फ्लाईवे, राजोकरी, कुंडली, बदरपुर और गाजीपुर जैसे प्रमुख मार्ग शामिल हैं।
जाम और प्रदूषण कम करने पर जोर
दिल्ली की सीमाओं पर टोल कलेक्शन के दौरान लगने वाली वाहनों की लंबी कतारों को कम करने के लिए बैरियर-फ्री व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने भी दिल्ली के टोल कलेक्शन पॉइंट्स पर barrier-free प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए थे।
MLFF सिस्टम के लागू होने के बाद दिल्ली बॉर्डर पर वाहनों की आवाजाही तेज होने और टोल पॉइंट्स पर लगने वाले जाम के साथ-साथ उससे जुड़े प्रदूषण को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।







