भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद बांसुरी स्वराज ने मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी के चर्चित ‘मोहब्बत की दुकान’ नारे पर तंज कसते हुए स्वराज ने कांग्रेस पर कई राज्यों में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के भविष्य के साथ कथित तौर पर खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने कांग्रेस की मौजूदा और पिछली सरकारों वाले राज्यों में भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं और जांच एजेंसियों की कार्रवाई का मुद्दा उठाया।
‘मोहब्बत की दुकान’ पर बांसुरी का तंज
बांसुरी स्वराज ने कहा कि ऐसा लगता है कि कांग्रेस की तथाकथित ‘मोहब्बत की दुकान’ भ्रष्टाचार का कारोबार कर रही है। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि जब वह छात्रों और युवाओं के मुद्दों की बात करते हैं, तो उनकी पार्टी से जुड़े मामलों में युवाओं के भविष्य को लेकर उठ रहे सवालों पर उनकी आवाज क्यों नहीं सुनाई देती।
स्वराज ने अपने आरोपों के समर्थन में उत्तराखंड के VPDO भर्ती मामले, छत्तीसगढ़ के CGPSC पेपर लीक और हिमाचल प्रदेश में आउटसोर्स भर्ती से जुड़े मामलों का जिक्र किया।
उत्तराखंड VPDO भर्ती मामले का किया जिक्र
बांसुरी स्वराज ने उत्तराखंड में Village Panchayat Development Officer (VPDO) भर्ती मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के पूर्व और मौजूदा Personal Assistants (PAs) से जुड़े ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई हुई है।
उन्होंने दावा किया कि जांच के दौरान ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक संपत्ति मिलने की बात सामने आई है। स्वराज ने इस मामले को लेकर कांग्रेस नेतृत्व पर भी सवाल खड़े किए।
CGPSC पेपर लीक मामले पर कांग्रेस को घेरा
BJP सांसद ने छत्तीसगढ़ में Chhattisgarh Public Service Commission (CGPSC) परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक मामले का भी जिक्र किया।
उन्होंने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व OSD (Officer on Special Duty) की गिरफ्तारी का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस पर भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर निशाना साधा।
हिमाचल की आउटसोर्स भर्ती पर भी सवाल
बांसुरी स्वराज ने हिमाचल प्रदेश में आउटसोर्सिंग के जरिए होने वाली भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने एक वरिष्ठ नेता के बेटे की कथित संलिप्तता और कमीशन या ‘कट मनी’ मांगने से जुड़े हालिया आरोपों का उल्लेख किया।
उन्होंने इन मामलों को आधार बनाते हुए कांग्रेस पर युवाओं के रोजगार और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए।







